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उत्तराखंड : ‘घुघूति बासूति’ ई बुक में गढ़वाल के बालगीत और लोरियां, सोशल मीडिया में हुई लांच

Thu, 07 May 2020 10:48 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 07 May 2020 10:48 AM IST
सार

  • क्रिएटिव उत्तराखंड की टीम ने सोशल मीडिया में की लांच

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Uttarakhand : ghughuti basuti e book launch, garhwal baal geet and loriyan on there
- फोटो : Pixabay

विस्तार

क्रिएटिव उत्तराखंड के रचनात्मक सदस्य लॉकडाउन में अपने घरों में बैठकर पहाड़ों में विलुप्त हो रहे बाल गीतों को संकलित कर नई पीढ़ी तक पहुंचने में जुटे हैं।

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कुमाऊं की पारंपरिक लोरियों और बालगीतों के संकलन 'घुघूति बासूति' की दूसरी कड़ी में गढ़वाली बालगीतों की ई बुक तैयार की गई है।


क्रिएटिव उत्तराखंड के सदस्य और रंगकर्मी हेम पंत रुद्रपुर और दूसरे साथी विनोद गड़िया नोएडा में किसी कंपनी में कार्यरत हैं। टीम के अन्य सदस्य भी अलग-अलग जगहों में रहते हैं।
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लॉकडाउन में घर में रहने के चलते सदस्यों ने समय का उपयोग करते हुए पहाड़ों की पारंपरिक कहावत, लोरी, बाल गीतों को सहेजने का प्रयास शुरू किया था।

दूसरी किश्त...

कुमाऊं में प्रचलित 32 लोरी, कहावत और बाल गीतों को संकलित कर ‘घुघूति बासूति’ शीर्षक से ई बुक तैयार कर सोशल मीडिया में लांच की थी।

इसकी दूसरी किश्त के रूप में बुधवार को गढ़वाली लोरी, कहावत और बालगीतों को संकलित कर 27 पेजों की ई बुक को सोशल मीडिया में लांच किया गया।

इनमें प्रमुख लोरी 'से जा से जा निंदा की बाली, चिंदा बिंदा रावण झोली, पर्वगीत जै जै घोघा माता फ्यूंली का फूल, चला फुल्यारुं फूल, घुंघरा माई दाल पिसै, हे भुलि बिमला कख पाक्यो छ तिमला' आदि शामिल हैं।
 

बोली-भाषा और संस्कृति को लोगों तक पहुंचाने का मकसद

क्रिएटिव उत्तराखंड के सदस्य और ई बुक डिजाइन करने वाले विनोद गड़िया ने बताया कि गीतों, लोरियों को हेम पंत ने संकलित किया है और आवरण चित्र भास्कर भौर्याल, बाल चित्र वसुधा, वत्सल, मीनाक्षी ने तैयार किए हैं।

बताया कि कुमाऊं और गढ़वाल अंचल की बोली-भाषा और संस्कृति को लोगों तक पहुंचाने के मकसद से परंपरागत बालगीत संकलित किए हैं। 

नीचे गये लिंक से आप भी डाउनलोड कर सकते हैं :

भाग 1 – TinyURL.com/Ebook-Uttarakhand-ChildrenSong Ghughuti Basuti 1 Uttarakhand Children Songs)

भाग 2- Garhwali Balgeet Ghughuti Basuti 2 Uttarakhand Children Songs

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