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Uttarakhand Garden Scam: सीबीआई जांच में आठ करोड़ से ज्यादा का पाया गया घोटाला, सब्सिडी देने में किया बड़ा खेल

Sat, 15 Jun 2024 02:30 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 15 Jun 2024 02:30 AM IST
सार

एक सामाजिक कार्यकर्ता के संघर्ष से प्रदेश के इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया गया था। मामले में स्थानीय स्तर पर एसआईटी का गठन भी किया गया लेकिन हाईकोर्ट के आदेश पर इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई।

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Uttarakhand Garden Scam CBI investigation found scam of more than 8 crore Rupees
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद

विस्तार

उद्यान  विभाग में फलदार पौधों की खरीद फरोख्त में आठ करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला पाया गया है। यह रकम पौधों की दरों में मनमाने तरीके से बढ़ोतरी कर सब्सिडी के रूप में इधर से उधर की गई है। यही नहीं एक नर्सरी का तो दूसरे पैन कार्ड पर नया खाता खुला और एकाएक उसमें करीब सवा करोड़ रुपये जमा कर दिए गए। सीबीआई की जांच में इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड पूर्व निदेशक बवेजा और उनका एक नर्सरी चलाने वाला परिचित बताया जा रहा है। तीनों मुदकमों में सीबीआई ने अब विवेचना शुरू कर दी है। इसके आधार पर अब आने वाले समय में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी संभव है।

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बता दें कि एक सामाजिक कार्यकर्ता के संघर्ष से प्रदेश के इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया गया था। मामले में स्थानीय स्तर पर एसआईटी का गठन भी किया गया लेकिन हाईकोर्ट के आदेश पर इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने तकरीबन आठ माह तक इसमें प्राथमिक जांच की और दो दिन पहले पूर्व निदेशक एचएस बवेजा समेत 15 नामजद अधिकारियों, कर्मचारियों और नर्सरी संचालकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर लिए। सीबीआई के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पूरा मामला लगभग आठ करोड़ रुपये के घोटाले का है। इस घोटाले को कई तरीके से अंजाम दिया गया है। इसमें प्रमुख रूप से पौधों की वास्तविक दरों में बेतहाशा मनमाने तरीके से वृद्धि की गई। इसके बाद इसी हिसाब से सब्सिडी का भुगतान किया गया। एक-एक नर्सरी को लाखों पौधों का ऑर्डर दिया गया।
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Uttarakhand: करोड़ों का उद्यान घोटाला...पूर्व निदेशक एचएस बवेजा समेत 15 लोगों के खिलाफ तीन मुकदमे
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इस तरह जिस नर्सरी को केवल 50 लाख रुपये का भुगतान होना था उसे नई दरों के हिसाब से एक करोड़ से सवा करोड़ रुपये तक का भुगतान हुआ। यही नहीं निम्न गुणवत्ता वाले जिन पौधों की दरें विभाग ने ही 150 रुपये तय की थी। उन्हें मनमाने तरीके से 465 रुपये प्रति पौधा की दर से खरीदा गया। इस तरह जम्मू कश्मीर की बरकत एग्रो फार्म नर्सरी को तीन गुना अधिक भुगतान किया गया। बताया जा रहा कि इस पैसे की बंदरबांट अधिकारियों के बीच की गई। यही नहीं तत्कालीन सीएचओ नैनीताल आरके सिंह ने फारुक अहमद डार और साजाद अहमद के साथ मिलकर एक और खेल खेला। इन्होंने सेब के पौधों की झूठी रसीद बनाई और 1.71 करोड़ रुपये नर्सरी को ट्रांसफर कर दिए गए।

बेटे के खाते में 17 लाख और खुद नकद लिए आरके सिंह ने 43 लाख
इस पैसे में 17 लाख रुपये 73 हजार पौधों की खरीद के आरके सिंह के बेटे सुनील सिंह के बाजपुर स्थित एक्सिस बैंक के खाते में ट्रांसफर किए गए। जांच में सामने आया कि नैनीताल के सीएचओ आरके सिंह ने अपने बेटे के खाते में तो पैसा लिया ही। साथ ही साथ फारुक डार से 43 लाख रुपये नकद भी हासिल किए। यह रकम सिंह को विभिन्न तारीखों में दी गई। सूत्रों के मुताबिक इस रकम में से काफी बड़ा हिस्सा पूर्व निदेशक एचएस बवेजा को भी मिला था।

सीबीआई तैयार कर रही है संयुक्त रिपोर्ट
सीबीआई ने बृहस्पतिवार को सभी आरोपियों से पूछताछ की थी। इसके अलावा इन सभी के ठिकानों पर तलाशी भी ली गई। इस दौरान सभी के बैंक खातों और लॉकर आदि की भी जांच की गई। सभी टीमें अन्य प्रदेशों से भी अब उत्तराखंड लौट आई हैं। ऐसे में अब सीबीआई एक संयुक्त रिपोर्ट तैयार कर रही है। बताया जा रहा है कि आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में दस्तावेज बरामद हुए हैं। जल्द ही इस मामले में और भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

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