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उत्तराखंड: सिंचाई नहर बनाने में करोड़ों की गड़बड़ी, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
Thu, 11 Feb 2021 09:31 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 11 Feb 2021 09:31 PM IST
सार
- हरिद्वार और रुद्रप्रयाग जिले का मामला, तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित
- रुड़की में करोड़ों की लागत से नहर तो बना दी पर किसानों को नहीं मिला पानी
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मुख्यमंत्री सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बृहस्पतिवार को हरिद्वार और रुद्रप्रयाग जिले में सिंचाई नहरों के निर्माण में करोड़ों की अनियमितता की जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके लिए संयुक्त सचिव सिंचाई जेएल शर्मा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बना दी गई है।
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सिंचाई नहर निर्माण में अनियमितता का पहला मामला रुद्रप्रयाग के जखोली ब्लाक का है। यहां मार्च 2012 में नाबार्ड के माध्यम से ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि के तहत 18 किमी लंबी नहर बनाने के लिए 9.84 करोड़ मंजूर हुए थे। शासन के पास शिकायत आई थी कि 2.42 करोड़ के पाइप का इस्तेमाल नहीं हुआ। परियोजनाओं के अन्य कार्यों में 46.31 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता की गई।
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मुख्यमंत्री ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए संयुक्त सचिव सिंचाई जेएल शर्मा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी के गठन के आदेश दिए। इस समिति में सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता जयपाल सिंह और वित्त नियंत्रक कविता नांबियाल को सदस्य बनागया गया है। समिति दो सप्ताह में अनियमितताओं की प्रारंभिक जांच कर शासन को रिपोर्ट सौंपेगी। दूसरा मामला हरिद्वार के लक्सर मे विकासखंड में स्थित सुभाषगढ़ सिंचाई नहर की निर्माण में गड़बड़ी का है।
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इस प्रोजेक्ट के लिए एआईवीपी के तहत 6.95 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी। योजना की खामी यह रही कि इसका लाभ किसानों को नहीं मिल सका। नहर बना दी, लेकिन उससे किसानों को पानी नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने इस माले की जांच भी संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी को सौंपी। कमेटी इस मामले की प्रारंभिक जांच भी दो सप्ताह में पूरी करेगी।