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21 साल का हुआ उत्तराखंड: पहाड़ में आज भी रोडवेज बसों का है इंतजार, निजी बस या डग्गामारी पर ही निर्भरता
Tue, 09 Nov 2021 10:25 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 09 Nov 2021 10:25 PM IST
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रोडवेज बस
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
जब अलग राज्य बना था तो सबको उम्मीद थी कि उनके आसपास की सड़कों पर सरकारी बसें चलेंगी। इन बसों से वह कम खर्च पर यात्रा करेंगे। अब 21 साल का समय बीत गया, आज भी पहाड़ को रोडवेज बसों का इंतजार है। परिवहन के लिए उनके पास केवल निजी बस, टैक्सी-मैक्सी या डग्गामार वाहनों का ही सहारा है।
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परिवहन निगम के बेड़े में वर्तमान में 1351 बसें हैं। इनमें से करीब 1200 बसों का संचालन किया जा रहा है। जिनमें केवल 500 बसें ही पर्वतीय मार्गों परसंचालित हो रही हैं। बाकी करीब 700 बसें मैदानी मार्गों पर चल रही हैं। इसके अलावा आज भी तमाम पर्वतीय रूट ऐसे हैं, जिन पर एक भी रोडवेज की बस संचालित नहीं होती। जिन रूटों पर संचालित होती है, वहां लंबे इंतजार के बाद यानी दिनभर में बेहद सीमित संख्या में ही बसों का संचालन किया जाता है।
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यह है चुनौतियां
- परिवहन निगम की जो बसें पर्वतीय मार्गों पर संचालित होती हैं, वह लगातार घाटे में चलती हैं। इस घाटे को कम करने के लिए कदम उठाने की जरूरत।
- जिन रूटों पर बस संचालन नहीं हो रहा है, उन पर बस संचालन के लिए अतिरिक्त बसों की खरीद की जरूरत।
- पर्वतीय मार्गों पर लंबी दूरी के बजाए छोटे रूटों के हिसाब से बस संचालन की आवश्यकता।
- चकराता जैसे इलाके में आज भी देहरादून से बस संचालन होता है, जबकि यहां लगातार लोकल बस संचालन के लिए अलग डिपो की मांग होती आई है।
ऐसे होगी राह आसान
- परिवहन निगम ने पिछले वर्षों में 300 बसों की खरीद की है। इनकी संख्या और बढ़ाने की जरूरत है।
- आज भी तमाम रूटों पर डग्गामारी या निजी वाहनों से सवारियां ढोने की परंपरा है। लिहाजा, इन रूटों का सर्वेक्षण करके बस संचालन प्रभावी किया जाए।
- अल्मोड़ा, श्रीनगर, लक्सर, किच्छा, खटीमा, डोईवाला, घनसाली, नरेंद्र और हर्बटपुर में बस स्टेशन का निर्माण, ताकि बस संचालन आसान हो।
- परिवहन निगम की बसों के संचालन के लिए ऑनलाइन बुकिंग से लेकर ट्रैकिंग की जरूरत, ताकि आसानी से बसों का पता चल सके।
इन योजनाओं पर चल रहा है काम
- रुद्रपुर बस टर्मिनल का पुनर्विकास और व्यावसायिक उपयोग का काम पहली बार लोक निजी सहभागिता के आधार पर कराया जा रहा है।
- रामनगर और हल्द्वानी में बस पोर्ट की स्थापना की कार्रवाई गतिमान है।
- वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन योजना के तहत स्वरोजगारपरक कार्यक्रम के अंतर्गत निगम में बसें अनुबंधित कर संचालन किया जा रहा है।
परिवहन निगम की करीब 1200 बसों का संचालन वर्तमान में किया जा रहा है। चूंकि बसों की संख्या कम है, इसलिए अभी पर्वतीय मार्गों पर अपेक्षाकृत कम संचालन हो रहा है।
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- दीपक जैन, महाप्रबंधक संचालन, परिवहन निगम