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21 साल का हुआ उत्तराखंड: राज्यपाल बोले- बहुत प्रगति हुई पर अब विकास की चुनौतियां बरकरार

Mon, 08 Nov 2021 10:48 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 08 Nov 2021 10:48 PM IST
सार

Uttarakhand Foundation day 2021: राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं, नौजवानों, किसानों एवं सभी समुदायों की सम्मिलित भागीदारी से उत्तराखंड की प्रगति एवं समृद्धि सम्भव है।

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Uttarakhand Foundation day 2021: Governor Gurmeet singh told about State Development challenges
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने उत्तराखंड राज्य स्थापना के 21 वर्ष पूरे होने पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इन 21 वर्षों में उत्तराखंड ने बहुत प्रगति की, लेकिन अब भी बहुत चुनौतियां हैं। इसका सामना सभी को मिलकर करना होगा।  

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राज्यपाल ने राज्य निर्माण आंदोलन के सभी ज्ञात-अज्ञात अमर शहीदों, आंदोलनकारियों को श्रद्धाजंलि अर्पित की। उन्होंने देश की सुरक्षा में अपना जीवन बलिदान करने वाले वीर शहीदों को भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष उत्तराखंड राज्य ने अपनी स्थापना के 21 वर्ष पूरे कर लिए हैं। आज उत्तराखंड पूरी तरह से युवा हो चुका है। राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं, नौजवानों, किसानों एवं सभी समुदायों की सम्मिलित भागीदारी से उत्तराखंड की प्रगति एवं समृद्धि सम्भव है। उन्होंने कहा कि सैन्यधाम उत्तराखंड वीर सैनिकों की पवित्र भूमि है। राज्य सरकार द्वारा सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए बहुत से प्रयास किए गए हैं। देहरादून में पंचमधाम के रूप में सैन्यधाम बनाया जा रहा है। यह हर सैनिक का साझा सम्मान है।
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राज्य में बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक भी हैं। भूतपूर्व सैनिक राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वे अपने ज्ञान, अनुभव व प्रशिक्षण का लाभ समाज और राज्य को दे सकते हैं। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज भी राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाएँ ही आर्थिक व सामाजिक सरंचना की रीढ़ हैं। महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
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राज्य में स्थानीय उत्पादों पर आधारित महिला उद्यमों को प्रोत्साहन से महिला सशक्तीकरण एवं स्थानीय उत्पादों के संरक्षण का दोहरा लक्ष्य प्राप्त होगा। हमें इस दिशा में महिलाओं के नेतृत्व क्षमता का विकास करना होगा। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि उत्तराखंड के स्थानीय उत्पाद राज्य की आर्थिक समृद्धि का आधार बन सकते हैं। स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्यमों के प्रोत्साहन से आर्थिक स्वावलम्बन, स्वरोजगार एवं रिवर्स माइग्रेशन के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है।

उद्यमशीलता एवं स्वरोजगार को भी प्रोत्साहन मिलना चाहिए

प्रधानमंत्री के ‘वोकल फोर लोकल’ मंत्र की सफलता के लिए भी राज्य के स्थानीय उत्पादों, पारम्परिक फसलों, अनाज एवं हस्तशिल्पों का संरक्षण आवश्यक है। स्थानीय उत्पादों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के बाजार उपलब्ध कराए जाने आवश्यक हैं। राज्यपाल ने कहा कि हमारे गांवों का विकास एवं समृद्धि ही राज्य के विकास का मापदण्ड होना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि गांवों में मूलभूत एवं आधुनिकतम सुविधाओं के साथ ही उद्यमशीलता एवं स्वरोजगार को भी प्रोत्साहन मिलना चाहिए।

विकास में ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा, मूलभूत सेवाओं में सुधार के द्वारा ही पलायन को रोका जा सकता है। राज्य में ही रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिकाधिक अवसरों के माध्यम से रिवर्स माइग्रेशन का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता व शोध कार्यो को प्रोत्साहन किया जा रहा है। गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा सबकों मिलनी चाहिए।  

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का समन्वित प्रयासों से समाधान खोजना होगा। विश्वविद्यालयों को आधुनिकीकरण, ट्रांसफोर्मेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटिलाइजेशन व नई टेक्नोलॉजी के लिए कार्य करना है। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास एवं प्रगति में सरकार के साथ ही वॉलियंटर्स, सामाजिक संगठनों, गैर सरकारी संगठनों, समाज सेवकों एवं व्यक्तिगत प्रयासों की भी महत्वपूर्ण भागीदारी है। हमें राज्य की विकास प्रक्रिया में सबकी भागीदारी सुनिश्चित करनी है। राज्यपाल ने कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिक का जो भी कर्तव्य एवं दायित्व हैं, वे पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने का प्रयास करें।  राज्य की प्रगति का लाभ दूरस्थ गांवों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे, तब ही उत्तराखण्ड सच्चे अर्थों में प्रगतिशील राज्य कहलाएगा।

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