फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Former CM Harish rawat sting case CBI notice to MLA Umesh Kumar

Uttarakhand: बहुचर्चित स्टिंग मामले में विधायक उमेश कुमार को सीबीआई का नोटिस, पढ़ें पूरा मामला

Fri, 30 Jun 2023 05:08 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 30 Jun 2023 05:08 PM IST
सार

वर्ष 2016 में हरीश रावत के मुख्यमंत्री रहते हुए उनका एक स्टिंग करने का दावा उमेश कुमार ने किया था। इसके बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया था।

विज्ञापन
Uttarakhand Former CM Harish rawat sting case CBI notice to MLA Umesh Kumar
विधायक उमेश कुमार - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड में वर्ष 2016 में हुए बहुचर्चित स्टिंग मामले में खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार को सीबीआई ने नोटिस दे दिया है। शुक्रवार को टीम ने उनके कैंप कार्यालय पर पहुंचकर नोटिस दिया। विधायक ने नोटिस खुद रिसीव किया है। सीबीआई ने विधायक को चार जुलाई को वायस सैंपल के लिए कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं।

विज्ञापन


बता दें कि वर्ष 2016 में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग मामले में वायस सैंपल लेने के लिए सीबीआई ने चार नेताओं को नोटिस जारी किए हैं। इनमें हरीश रावत, हरक सिंह रावत, कांग्रेस विधायक मदन सिंह बिष्ट और स्टिंग करने वाले और खानपुर विधायक उमेश कुमार शामिल हैं। पूर्व सीएम रावत को गुरुवार को नोटिस जारी हो चुका है। 
विज्ञापन


Devprayag: गंगा में बहे हरियाणा के कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक की तलाश में जुटी NDRF, नहीं लग रहा कोई सुराग

विज्ञापन
विज्ञापन

यह है मामला

वर्ष 2016 में हरीश रावत के मुख्यमंत्री रहते हुए उनका एक स्टिंग करने का दावा उमेश कुमार ने किया था। इसके बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया था। इसी दौरान एक और स्टिंग सामने आया था, इसमें विधायक मदन सिंह बिष्ट के होने का दावा किया गया। इसमें डॉ. हरक सिंह रावत के भी शामिल होने का दावा किया गया था। दोनों ही स्टिंग के बारे में उमेश कुमार ने दावा किया था कि हरीश रावत सरकार को बचाने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त की डीलिंग की जा रही थी। इसमें रुपयों के लेन-देन होने की बात का दावा भी स्टिंग प्रसारण के दौरान किया गया था। बाद में इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को दे दी गई थी। स्टिंग में जो आवाजें हैं उनके मिलान के लिए इन चारों ही नेताओं के वॉयस सैंपल लेने की अनुमति सीबीआई ने अदालत से मांगी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed