दरक गया उत्तराखंड की 4 हजार घोषणाओं का ‘पहाड़’
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राज्य पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में राज्य के लिए घोषणाओं का जो पहाड़ खड़ा किया था वह दरक गया है।
वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने साफ तौर पर यह आदेश जारी कर दिए हैं कि उन घोषणाओं को ही आगे पैसा दिया जाएगा, जो कम से कम आधी पूरी हो चुकी हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि बड़ी संख्या में उनकी घोषणाएं रद हो जाएंगी। हरीश रावत ने ढाई साल में करीब चार हजार घोषणाएं की थीं, जिनमें से महज 1500 के ही पूरे होने की संभावना है।
राज्य पर भारी कर्ज के बावजूद घोषणाएं करने में हरीश रावत का अपना रिकॉर्ड है। महज ढाई साल के कार्यकाल में उन्होंने चार हजार के करीब घोषणाएं की।
हवा-हवाई साबित हुईं हरीश रावत की घोषणाएं
चुनाव पूर्व तक हरीश रावत अपनी ज्यादातर घोषणाओं के पूरा होने या अमल में आने का दावा करते रहे, लेकिन त्रिवेंद्र रावत सरकार ने जब इन घोषणाओं की समीक्षा शुरू की तो इसमें बड़ी तादाद में ऐसी घोषणाएं सामने आईं, जो हवा-हवाई साबित हुईं।
ऐसे में इनकी उपयोगिता को देखते हुए यह तय किया गया कि जो भी घोषणाएं आधी पूरी हो गई हैं, केवल उन्हें ही आगे संचालित किया जाएगा। इसी गणित के आधार पर विधानसभा सत्र में भी इनके लिए बजट पास किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अन्य सभी को समाप्त किए जाने पर सहमति बन गई है। वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने इसके लिए लिखित आदेश भी जारी कर दिए हैं।
फिजूल की घोषणाएं पूरी करने में राज्य का पैसा बर्बाद होगा। उत्तराखंड की माली हालत को देखते हुए यह किसी प्रकार उचित नहीं है। ऐसे में यह तय किया गया है कि जो घोषणाएं आधी पूरी हो चुकी हैं, उन्हें ही पूरा करने के लिए पैसा जारी किया जाएगा।
- प्रकाश पंत, वित्त मंत्री (उत्तराखंड सरकार)