Uttarakhand News: वनाग्नि की घटनाओं पर लापरवाही, अल्मोड़ा में रेंज अधिकारी को किया अटैच
प्रदेश में जंगल की आग बेकाबू हो गई है। गढ़वाल से कुमाऊं तक सोमवार को 20 जगह जंगल धधके, जिससे 52 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र जल गया। गढ़वाल में सबसे अधिक 10 और कुमाऊं में नौ घटनाएं हुई हैं।
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मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा, वनाग्नि पर काबू पाने के कार्य में लगे अफसरों-कर्मियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही बरतने के एक मामले में अल्मोड़ा वन प्रभाग के जोरासी में तैनात रेंज अधिकारी को प्रभागीय कार्यालय में संबद्ध (अटैच) कर दिया गया है।
चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए मॉडल क्रू स्टेशन बनाए गए हैं। इसके तहत मोबाइल क्रू तैनात कर दिए गए हैं। चारधाम यात्रा मार्ग के किनारे वाले गांवों की मैपिंग कर ली गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
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आपदा प्रबंधन विभाग ने वनाग्नि नियंत्रण के लिए प्रत्येक डीएम को पांच करोड़ का बजट जारी कर दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग जल्द ही छोटे आकार में वॉटर टैंकर उपयोग में लाएगा। इनकी सहायता से आसानी से उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में पोर्टेबल पंपों की सहायता से आग बुझाई जा सकेगी। आग बुझाने वाले सिलिंडरों की व्यवस्था भी तत्काल की जा रही है।