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देहरादून के 38 व्यक्ति आपदा में लापता
देहरादून/ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jul 2013 11:27 AM IST
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आपदा में जिले के 38 लोग स्थायी रूप से लापता हैं। प्रशासन ने पहले 86 और फिर 45 मिसिंग लोगों की सूची की स्क्रीनिंग करने के बाद मंगलवार को फाइनल सूची जारी कर दी है। अनुग्रह राशि देने के लिए लापता लोगों की चार श्रेणियां बनाई गई हैं। मिसिंग व्यक्ति के उत्तराधिकारी को राशि लेने के लिए शपथ पत्र भी देना होगा।
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एफआईआर दर्ज होनी जरूरी
कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों को शासन के निर्देशों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्थायी रूप से लापता व्यक्ति के संबंध में थाने में एफआईआर दर्ज होनी जरूरी है। रिपोर्ट लापता व्यक्ति के माता, पिता, पत्नी या बच्चे ने दर्ज कराई हो। अगर ये संबंधी नहीं हैं तो फिर विधिक उत्तराधिकारी की ओर से रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए। जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा कि अगर कोई धोखाधड़ी से पैसा लेता है तो पता चलने पर अनुग्रह राशि वसूली जाएगी।
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जिलाधिकारी ने कहा कि इस संबंध में दिया गया शपथ पत्र स्थायी अभिलेखों में संरक्षित रखा जाएगा। स्थायी रूप से लापता व्यक्तियों की चार श्रेणी हैं। पहली श्रेणी में वे हैं जो आपदाग्रस्त क्षेत्रों में रहते थे और 16 जून को लापता हुए। दूसरी श्रेणी में वे हैं जो नदियों के किनारे रहते थे और जीवन निर्वाह के लिए आपदाग्रस्त क्षेत्रों में थे।
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तीसरी श्रेणी
तीसरी श्रेणी में उन्हें रखा गया है जो उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों के रहने वाले थे और आपदाग्रस्त क्षेत्रों में थे। चौथी श्रेणी में वे हैं जो विभिन्न प्रदेशों से तीर्थयात्री या पर्यटक बनकर आए थे। आपदा की तिथियों में वहां पर थे। बैठक में एडीएम वित्त झरना कमठान, पुलिस अधीक्षक जगदीशचंद्र और उपजिलाधिकारी मौजूद रहे।