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भूस्खलन, उफान ने ली चार जानें
देहरादून/ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jul 2013 08:46 AM IST
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भूस्खलन और नदियों में उफान का कहर थम नहीं रहा। रविवार को उत्तराखंड में मलबे और उफनाई नदी ने चार लोगों की जान ले ली।
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इसके अलावा एक घर की दीवार ढहने से बच्चे की मौत हो गई। गढ़वाल के कुछ इलाकों में भूस्खलन और भूधंसाव का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे इलाकों के लोग दहशत में आकर घर छोड़ रहे हैं। वैसे, देहरादून को छोड़कर अधिकांश इलाकों में रविवार को बारिश थमी रही। दून में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही।
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उत्तरकाशी में चड़ेथी भटवाड़ी से गंगनानी की ओर पैदल जाते चार पुलिसकर्मी रविवार सुबह पहाड़ी से हुए भूस्खलन की चपेट में आ गए। इनमें से गंभीर रूप से घायल सिपाही गंभीर सिंह तोमर (22) को हेलीकाप्टर की मदद से देहरादून लाया। यहां उपचार के दौरान कालसी, दून निवासी सिपाही की मौत हो गई।
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देहरादून जिले में सहसपुर ग्राम पंचायत के ईदगाह मुहल्ले में कच्चे मकान की दीवार ढहने से छह साल के बच्चे की मौत हो गई। बच्चे के पिता और भाई घायल हो गए। बताया गया कि बारिश से कमजोर हुई दीवार सुबह छह बजे अचानक ढह गई। पिथौरागढ़ के धारचूला और मुनस्यारी में भूस्खलन से दो महिलाओं की मौत हो गई। आपदाग्रस्त क्षेत्र में हुए दोनों हादसों की जानकारी प्रशासन को रविवार को मिली।
धारचूला के खेला गांव की रुकमणि देवी (48) जंगल से घास लेकर आ रही थी। दार्ती के पास पहाड़ी दरककर गिर गई। मलबे की चपेट में आने से महिला की मौत हो गई। मुनस्यारी के तल्ला समकोट की निवासी रुकमा देवी (28) जंगल में मवेशी चराने गई थी।
लौटते समय शाम को गोधारीभेल नामक स्थान पर उसके ऊपर पहाड़ी से मलबा गिर गया। मौके पर ही रुकमा देवी की मौत हो गई। बागेश्वर जिले के गरुड़ के पास उफनाई गोमती नदी को पार करते समय एक व्यक्ति तेज बहाव में बह गया। रविवार तड़के उसका शव मिला।
भूधंसाव से कई जगह खतरा
चमोली जिले में थराली के नासीर बाजार में आठ सौ मीटर क्षेत्र में लगातार भू-धंसाव हो रहा है। दस से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कई मकानों में दरारें पड़ी हैं। लोग सहमे हैं। प्रभावित परिवारों को प्रशासन ने दूसरी जगह शिफ्ट किया है। सोलपट्टी के बुरसोल, बूंगा, कोलडुग्री गांवों में भी भारी भूस्खलन की सूचनाएं हैं। टिहरी जिले के भिलंगना प्रखंड में बासर पट्टी के चार गंावों में भूस्खलन तथा भू-धंसाव से ग्रामीणों के खेत, सिचांई नहरें, पेयजल लाइनें, पुल, रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए है। मांदरा गंाव के नीचे से लगातार हो रहे भू-स्खलन से गांव के 72 परिवारों के 315 लोग खतरे में हैं।
आपदा राहत शिविर में महिला की मौत
मुनस्यारी में प्राथमिक पाठशाला, दुम्मर स्थित आपदा राहत शिविर में रह रही एक महिला की मौत हो गई। वह पिछले तीन दिनों से बीमार थी। हालांकि प्रशासन इसे सामान्य मौत बता रहा है। तल्ला दुम्मर की मूर्ति देवी (55) राहत शिविर में 17 जून से परिवार सहित रह रही थी।
मकान में दरार आने से परिवार को शिविर में शिफ्ट किया गया था। इलाज कर रहे डॉक्टर त्रिभुवन जोशी ने बताया कि महिला तीन दिन से बुखार से पीड़ित थी। उसे मुनस्यारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया था। रविवार को मुनस्यारी पहुंचाया जाना था, लेकिन पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया।
टिहरी झील में डूबे दो युवक
डोभन गांव के दो युवक टिहरी बांध की झील में डूब गए। जल पुलिस ने दोनों की तलाश की लेकिन उनका पता नहीं चल सका। अर्जुन सिंह (26) और प्रशांत (18) झील के आसपास पशुओं को चराने गए थे। प्रशांत का पैर फिसल गया। वह झील में डूबने लगा। बचाने की कोशिश में अर्जुन भी डूब गया। अर्जुन निजी स्कूल में शिक्षक और प्रशांत 10वीं का छात्र है।
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