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आपदा से उजड़े घरों में पलने लगी खुशियां
अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 17 Apr 2014 09:56 AM IST
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उत्तराखंड के आपदा प्रभावित उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों के जिन इलाकों में बीते वर्ष आपदा की वीरानी छाई थी, उनमें से कुछ गाँवों में अब जीवन फिर से खिलने लगा है।
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सैलाब के साथ बह गईं खुशियाँ उसी रास्ते घर लौटने की तैयारी कर रही हैं।
प्रभावितों के लिए शुरू किया गया पुर्नवास अभियान
अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा देहरादून की हिमालयन इन्वायरमेंटल स्टडीज एंड कंजर्वेशन ऑर्गेनाइजेशन (हेस्को) तथा सहयोगी संस्थाओं के साथ आपदा प्रभावितों के लिए शुरू किया गया पुर्नवास अभियान रंग लाने लगा है।
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पहले दो चरण में 55 लोगों को छत मुहैया करा दी गई है। इसके बाद 130 और परिवारों को अस्थाई आवास मुहैया कराने का कार्य भी अपने आखिरी चरण में पहुंच गया है।
पहाड़ों से आये सैलाब ने लोगों का सबकुछ छीन लिया था। पीड़ितों को समझ में नहीं आ रहा था कि जिन्दगी की नई शुरुआत कहां से करें। ऐसे में उनकी उम्मीदों और भरोसे को अमर उजाला फाउंडेशन ने सहारा दिया।
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दो गाँवों में 10 अस्थायी आवासों का निर्माण कार्य पूरा
आश्रय अस्थायी आवास योजना के पहले चरण में पाँच मॉडल आवास बनाए गए। दूसरे चरण में उत्तरकाशी के तीन गाँवों में 10, रुद्रप्रयाग के इतने ही गाँवों में 30 और चमोली जिले के दो गाँवों में 10 अस्थायी आवासों का निर्माण कार्य पूरा किया गया।
इसके तुरंत बाद अंतिम चरण में तीनों ज़िलों में 130 आश्रयों का निर्माण भी शुरू किया गया, जो अप्रैल माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
इस तरह कुल 21 गाँवों में 185 अस्थायी आवास अमर उजाला फाउंडेशन, हेस्को और जाड़ी (उत्तरकाशी), ग्रास (रुद्रप्रयाग), स्वराज (रुद्रप्रयाग), हरियाली (कुलसारी, चमोली), एनसीपीडीपी और टार्न के सहयोग से बनाए जा रहे हैं।