उत्तराखंड की दो फिल्मों को फिल्म फेयर नेशनल अवॉर्ड
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नेशनल साइंस फिल्म फेयर फेस्टिवल में उत्तराखंड की दो फिल्मों ने पुरस्कार जीतकर राज्य का नाम रोशन किया है।
श्रीनिवास ओली की फिल्म नौला : वाटर टेंपल ऑफ हिमालयाज को कांस्य पुरस्कार मिला है। जबकि मनीष ओली की फिल्म कम होती दूरियां ने बेस्ट ऑन द स्पॉट फिल्म का अवॉर्ड जीता। शनिवार को जाने-माने फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया।
कोलकाता में 14 फरवरी से चल रहे नेशनल साइंस फिल्म फेयर अवॉर्ड का शनिवार को समापन हो गया। पांच दिवसीय फिल्म फेस्टिवल में देश के अलग-अलग राज्यों की विज्ञान आधारित चुनिंदा फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।
फिल्म नौला को स्वतंत्र फिल्म की श्रेणी में तीसरे स्थान पर चुना गया
भारत सरकार के विज्ञान एवं तकनीकी विभाग की ओर से आयोजित समारोह में श्रीनिवास ओली की फिल्म नौला को स्वतंत्र फिल्म की श्रेणी में तीसरे स्थान पर चुना गया।
फिल्म में उत्तराखंड के पारंपरिक जल स्त्रोतों के संरक्षण व संवर्द्धन की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इसमें चंपावत जिले के पम्दा गांव को उदाहरण बनाकर प्रस्तुत किया गया है, जहां ग्रामीणों ने पारंपरिक जल स्त्रोतों के संरक्षण के नए आयाम स्थापित किए हैं।
वहीं मनीष ओली की फिल्म कम होती दूरियां ऑन द स्पॉट श्रेणी में पहले स्थान पर रही। उन्होंने फिल्म के जरिये यातायात के क्षेत्र में विज्ञान के प्रयोगों से आई क्रांति को चित्रित किया। उन्होंने यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने में विज्ञान की उपयोगिता को फिल्म के जरिये लोगों के सामने प्रस्तुत किया। फिल्म फेस्टिवल में ऑन द स्पॉट फिल्म मेकिंग प्रतियोगिता पहली बार आयोजित की गई।