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उत्तराखंड के इन वीरों के हाथ थी नेताजी की सुरक्षा

Sun, 24 Jan 2016 06:12 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Sun, 24 Jan 2016 06:12 PM IST
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uttarakhand fighter in azad hind fauj.

आजाद हिंद फौज (आईएनए) का उत्तराखंड से गहरा नाता रहा है। इतना ही नहीं नेताजी की निजी सुरक्षा में भी उत्तराखंड के वीर शामिल रहे।

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नेताजी सुभाष चंद्र बोस जब आईएनए को तैयार कर रहे थे, तो उसमें गढ़वाल रायफल की दो बटालियन (2600 सैनिक) देशप्रेम के चलते उसमें शामिल हो गई। इसमें से 600 सैनिक ब्रिटिश सेना से लोहा लेते हुए शहीद भी हुए।

कुमाऊं विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अजय रावत कहते हैं कि आईएनए का आफीसर्स ट्रेनिंग सेंटर सिंगापुर में था, जिसके कमांडर ले. कर्नल चंद सिंह नेगी थे। जिनके ऊपर अफसरों की ट्रेनिंग की जिम्मेदारी थी।

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देशभक्ति की भावना से प्रेरित थे गढ़वाल के सैनिक

uttarakhand fighter in azad hind fauj.

इसी तरह मेजर देब सिंह दानू पर्सनल गार्ड बटालियन के कमांडर के तौर पर तैनात थे। इसके अलावा ले. कर्नल बुद्धि सिंह रावत पर्सनल एड्यूजेंट की जिम्मेदारी संभालते थे।

ले. कर्नल पिपरी शरण रतूड़ी फर्स्ट बटालियन के कमांडर थे। जिनको माउडॉक युद्ध में वीरता प्रदर्शित करने के लिए रदार-ए-जंग की उपाधि से खुद सुभाष चंद बोस ने सम्मानित किया था। इसी तरह मेजर पद्म सिंह गुसांई थर्ड बटालियन के कमांडर थे।

प्रो. रावत कहते हैं कि तत्कालीन ब्रिटिश सरकार में ज्वाइंट सेक्रेटरी के फिलिप मेशन थे, उन्होंने लिखा था यह अद्भुत देश हैं। गढ़वाल के सैनिक देशभक्ति की भावना से प्रेरित थे, ऐसी भावना कभी नहीं देखी थी।

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