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उत्तराखंड: पांचवें राज्य वित्त आयोग का गठन, पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडेय बने अध्यक्ष

Tue, 05 Nov 2019 09:49 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 05 Nov 2019 09:49 PM IST
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Uttarakhand Fifth State Finance Commission  Formation indu kumar will president
इंदु कुमार पांडेय - फोटो : अमर उजाला

पंचायतों व स्थानीय निकायों की आर्थिक स्थिति की समीक्षा करने के लिए प्रदेश सरकार ने पांचवें राज्य वित्त आयोग का गठन कर दिया है। पूर्व आईएएस अधिकारी इंदु कुमार पांडेय को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। वे राज्य सरकार के वित्त सलाहकार और वेतन विसंगति समिति के अध्यक्ष रहे हैं। आयोग में पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ.एमसी जोशी सदस्य और अपर सचिव वित्त भूपेश चंद्र तिवारी को सदस्य सचिव बनाया गया है।

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सचिव वित्त अमित सिंह नेगी ने आयोग के गठन के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। पांडेय तीसरे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। आयोग का कार्यकाल एक वर्ष का होगा। समिति तय करेगी कि राज्य सरकार के स्वयं के करों में से कितना हिस्सा पंचायतों और स्थानीय निकायों को दिया जाए। उसकी सिफारिशों पर सरकार का पंचायतों और निकायों के लिए करों की हिस्सेदारी का निर्धारण करेगी। आयोग को यह शक्ति होगी कि वह किसी भी अधिकारी से सूचना व अभिलेख की मांग कर सकता है। इसके लिए किसी व्यक्ति को बुला सकता है।

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इन विषयों पर भी आयोग देगा सिफारिश
आयोग ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों, जिला पंचायतों और शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति में सुधार लाने के उपाय सुझाएगा। बढ़ते शहरीकरण और आबादी के हिसाब से उपलब्ध अवस्थापना का आकलन करेगा। इसके साथ ही उनके विस्तार पर सुझाव देगा। पंचायतों और निकायों में सुधारों की स्थिति का आकलन करेगा। इसके अलावा राज्य सरकार के संसाधनों, प्रशासनिक खर्च व अन्य प्रतिबद्ध व्यय एवं दायित्व का निर्धारण करेगा।

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पंचायत व नगरीय क्षेत्रों में उनकी क्षमता के आधार पर अगले पांच वर्षों के लिए राजस्व संसाधन तथा अतिरिक्त संसाधन एकत्रित करने के लिए निर्धारित किए गए लक्ष्य और इस दिशा में किए गए प्रयासों की समीक्षा करेगा। आयोग 31 मार्च 2020 तक पंचायतों व निकायों में ऋण की स्थिति का आकलन करेगा। ऐसे सुधारात्मक उपाय बताएगा जो राज्य की वित्तीय आवश्यकताओं के हिसाब से आवश्यक हों। आयोग यह भी बताएगा कि यदि करों में निर्धारित हिस्सेदारी के बाद भी पंचायतों और निकायों की आवश्यकताएं पूरी नहीं होती हैं तो वित्तीय प्रबंध के दूसरे विकल्प क्या होंगे। आईटी का उपयोग व कर्मचारियों का ढांचे का निर्धारण भी आयोग करेगा।


आयोग के अब तक रहे अध्यक्ष
आयोग     वर्ष                अध्यक्ष
प्रथम     2001            आरके दर
द्वितीय  2005            डॉ. जीसी श्रीवास्तव
तृतीय     2009             इंदु कुमार पांडेय
चतुर्थ     2015            टीएस पपोला


यहां देखें नोटिफिकेशन:
https://spiderimg.amarujala.com/assets/applications/2019/11/05/11_5dc13611ac4d1.PDF

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