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GST से इस राज्य को हुआ बड़ा घाटा, घाटे से उबरने के लिए अपनाएंगे नई 'ट्रिक'
राकेश खंडूड़ी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 23 Feb 2018 12:43 PM IST
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औद्योगिक नीति में नए संशोधन करने की तैयारी
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड सरकार औद्योगिक नीति में नए संशोधन करने की तैयारी में है। नए संशोधन में वह सर्विस सेक्टर से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित करेगी। इसकी वजह वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को माना जा रहा है।
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प्रदेश में जीएसटी लागू होने के बाद जनवरी माह तक प्रदेश सरकार को करीब 8536 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जिसमें से 5848 करोड़ रुपये आईजीएसटी के रूप में राज्य से बाहर चले गए। माना जा रहा है कि राजस्व की यह बड़ी राशि प्रदेश में स्थापित उद्योगों से प्राप्त हुई है, जिसका फायदा कन्ज्यूमर स्टेट का हुआ है।
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प्रदेश सरकार ने ऐसी करीब 226 उत्पादक इकाइयां चिह्नित की हैं। जीएसटी के प्रावधानों के मुताबिक, ये उद्योग उत्पादन बेशक उत्तराखंड में कर रहे हैं, लेकिन इनसे वसूले जा रहे जीएसटी का फायदा उत्पादों की खपत करने वाले राज्यों को हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जीएसटी लागू होने से पूर्व ऐसे उद्योगों से मूल्य वर्धित कर (वैट) के एवज में प्रदेश सरकार को पूरा राजस्व प्राप्त हो रहा था। इस घाटे की भरपाई केंद्र सरकार कर रही है। लेकिन पांच साल के बाद इसकी भरपाई राज्य सरकार को वहन करनी है।
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यदि उसने अभी प्रयास नहीं किए तो भविष्य में उसे जीएसटी का बढ़ा घाटा झेलना पड़ सकता है। यही वजह है कि संभावित घाटे की भरपाई के विकल्पों पर अभी से विचार करना पड़ रहा है। इसके लिए प्रदेश सरकार अब औद्योगिक नीति में कुछ ऐसे प्रावधान करने जा रही है, जिसमें सर्विस सेक्टर से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि जीएसटी से प्राप्त होने वाले राजस्व को बाहर जाने से रोका जा सके।
जीएसटी की तस्वीर
trivendra singh rawat
-एक जुलाई 2017 को प्रदेश में जीएसटी लागू हुआ
-जनवरी महीने तक 8536 करोड़ का राजस्व प्राप्त
-5848 करोड़ रुपये का राजस्व प्रदेश से बाहर चला गया
-पांच साल तक केंद्र सरकार करेगी घाटे की भरपाई
अगले पांच साल तक जीएसटी की भरपाई केंद्र सरकार को करनी है। लेकिन भविष्य को देखते हुए ऐसे उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिनकी उत्पादों की मांग उत्तराखंड में ही हो। उनके उत्पादों की खपत यहीं होने से जीएसटी का फायदा प्रदेश को मिलेगा।
- प्रकाश पंत, वित्त मंत्री
प्रदेश सरकार निवेशकों को आमंत्रित करेगी। इसके लिए एक इनवेस्टर मीट के आयोजन के बारे में निर्णय लिया गया है। जीएसटी के लागू होने के बाद उत्पादों पर आधारित उद्योगों के जीएसटी का लाभ उपभोग करने वालों को हो रहा है। प्रदेश सरकार औद्योगिक निवेश सर्विस सेक्टर में निवेश को प्राथमिकता देगी।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री
-जनवरी महीने तक 8536 करोड़ का राजस्व प्राप्त
-5848 करोड़ रुपये का राजस्व प्रदेश से बाहर चला गया
-पांच साल तक केंद्र सरकार करेगी घाटे की भरपाई
अगले पांच साल तक जीएसटी की भरपाई केंद्र सरकार को करनी है। लेकिन भविष्य को देखते हुए ऐसे उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिनकी उत्पादों की मांग उत्तराखंड में ही हो। उनके उत्पादों की खपत यहीं होने से जीएसटी का फायदा प्रदेश को मिलेगा।
- प्रकाश पंत, वित्त मंत्री
प्रदेश सरकार निवेशकों को आमंत्रित करेगी। इसके लिए एक इनवेस्टर मीट के आयोजन के बारे में निर्णय लिया गया है। जीएसटी के लागू होने के बाद उत्पादों पर आधारित उद्योगों के जीएसटी का लाभ उपभोग करने वालों को हो रहा है। प्रदेश सरकार औद्योगिक निवेश सर्विस सेक्टर में निवेश को प्राथमिकता देगी।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री