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सानंद और जल पुरुष के साथ 24 से 'गंगा यात्रा' पर रहेंगे पूर्व सीएम हरीश रावत

Tue, 17 Jul 2018 07:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 17 Jul 2018 07:35 PM IST
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uttarakhand ex cm harish rawat on ganga yatra from 24 july
harish rawat

भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार को घेरने का पूर्व सीएम हरीश रावत का अपना एजेंडा है। अब वह गंगा यात्रा के साथ जोर-शोर से जुड़ रहे हैं। पर्यावरणविद सानंद और जल पुरुष राजेंद्र सिंह की गंगा यात्रा हरिद्वार से 24 जुलाई को शुरू हो रही है। दो दिन की यात्रा प्रधानमंत्री निवास पर पहुंचकर खत्म होगी।

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सत्ता से हटने के बाद हरीश रावत ने कई ऐसे अभियान हाथ में लिए हैं, जो कांग्रेस पार्टी के न होकर उनके खुद के रहे हैं। हालांकि इसके पीछे वह तर्क देते हैं कि वह काम तो कांग्रेस पार्टी के लिए ही कर रहे हैं। इन स्थितियों के बीच, गंगा की निर्मलता और पवित्रता के साथ ही पर्यावरण से जुड़ी गंगा यात्रा में रावत दो दिन तक व्यस्त रहेंगे, और तो और वह इस यात्रा के लिए 24 जुलाई को देहरादून में आयोजित पार्टी के बडे़ कार्यक्रम को भी छोड़ने के लिए तैयार हैं। 
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24 जुलाई को पहली बार पार्टी प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह देहरादून पहुंच रहे हैं। पूरे प्रदेश के संगठन के अहम लोगों का सम्मेलन इस दिन बुलाया गया है। हरीश रावत ने बताया कि वह प्रदेश प्रभारी से 23 जुलाई को ही संगठन के तमाम विषयों पर चर्चा कर लेंगे। प्रभारी 23 जुलाई को ही दून पहुंच जाएंगे। रावत के मुताबिक, गंगा यात्रा केंद्र सरकार की नाकामी को प्रकट करेगी और गंगा की निर्मलता के लिए दबाव बनाने का काम करेगी।
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हरेला की आत्मा से नहीं जुड़ पा रही सरकार
पूर्व सीएम हरीश रावत का कहना है कि त्रिवेंद्र सरकार हरेला कार्यक्रम कर तो रही है, लेकिन वह इसकी आत्मा के साथ नहीं जुड़ पा रही है। उन्होंने कहा कि हरेला सिर्फ पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व भी है। सरकार सिर्फ पौधरोपण को हरेला पर्व मान रही है। सरकार ने उसके राजनीतिक रूप को तो पकड़ा है, लेकिन इसके जो बाकी रूप है, उन्हें छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि अपने गांव की दो पट्टियों में हरेला पर प्रतियोगी माहौल तैयार करने में उन्हें मदद मिली है। जल्द ही अन्य जगहों पर भी ऐसा होगा।

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