'जासूस' बने उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत, दूरबीन और लेंस लेकर करेंगे केदारनाथ की यात्रा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत शनिवार को केदारनाथ की यात्रा पर दूरबीन और लेंस साथ में लेकर चलते दिखेंगे। रावत को भाजपा के केदारपुरी के विकास के दावे की पड़ताल के लिए इनकी जरूरत महसूस हुई है। रावत दूरबीन और लेंस से गौरीकुंड से केदार धाम तक हुए विकास कार्यों के दावों की पड़ताल करेंगे।
यहां आयोजित काफल पार्टी में मीडिया से मुखातिब हरीश रावत बाकायदा अपने साथ दूरबीन और लेंस लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि भाजपा संभल जाए। केदारनाथ में यदि सरकार ने अच्छा काम किया होगा तो सराहना करूंगा और काम नहीं किया होगा तो ट्वीट कर जनता को बताऊंगा।
रावत ने कहा कि भाजपा ने उस स्थान पर लेजर शो से शिव महिमा दिखाने का ढोंग किया, जहां शिव जीवंत रूप में मौजूद हैं। यही कारण रहा कि भाजपा का लेजर शो फ्लाप हो गया। रावत ने भाजपा सरकार को किसान विरोधी भी बताया और कहा कि नींबू खरीद आज तक नहीं हुई और गेहूं खरीद में किसानों को हतोत्साहित किया जा रहा है।
...ताकि विपक्षियों को खुस्याणी लगे
हल्द्वानी। पूर्व सीएम हरीश रावत का कहना है कि केदारनाथ यात्रा के दो मकसद हैं। पहला भाजपा सरकार के विकास कार्यों की पड़ताल करना और दूसरा विपक्षियों को खुस्याणी (मिर्च) लगाना। रावत का कहना था कि उनकी इस तरह की यात्राओं से विपक्षियों को खासी मिर्च लगती है और उन्हें इसमें काफी आनंद आता है।