Uttarakhand Election 2022 Date: प्रदेश में आचार संहिता लागू, चुनाव तारीखों का एलान, जानें कब होगा मतदान
प्रदेश में 81 लाख 43 हजार 922 मतदाता हैं, जिसमें 42 लाख 24 हजार 288 पुरुष, 39 लाख 19 हजार 334 महिला मतदाता है। पूरे प्रदेश में 93 हजार 964 सर्विस मतदाता हैं।
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विस्तार
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 14 फरवरी को होगा। शनिवार को चुनाव की आचार संहिता लागू हो गई है। उत्तराखंड की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने आगामी विधानसभा चुनाव का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। चुनाव के लिए 21 जनवरी से नामांकन होंगे।
शनिवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य चुनाव अधिकारी सौजन्या ने आचार संहिता लागू होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार के चुनाव में पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव के साथ ही कोविड भी एक बड़ी चुुनौती है, जिससे पार पाने के लिए पूरी गाइड लाइंस तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी से 28 जनवरी तक नामांकन किए जा सकेंगे। नामांकन के लिए भी कोविड के मद्देनजर सख्त गाइड लाइंस का पालन करना होगा। नामांकन की ऑनलाइन व्यवस्था का विकल्प भी दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि 11,647 बूथों पर मतदान होगा। मतदाताओं की संख्या में करीब तीन लाख का इजाफा होने के चलते प्रत्येक बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाताओं के मानक में थोड़ा परिवर्तन करते हुए इसे 1250 किया गया है। इसके बाद भी अगर किसी बूथ पर मतदाताओं की संख्या इससे अधिक होगी तो वहां एक सहायक बूथ भी बनाया जाएगा। प्रेस वार्ता में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रताप शाह, झरना कमठान भी मौजूद रहे।
यह है उत्तराखंड का चुनाव कार्यक्रम
नोटिफिकेशन जारी होने की तिथि - 21 जनवरी
नामांकन की अंतिम तिथि - 28 जनवरी
नामांकन की छंटनी की तिथि - 29 जनवरी
नाम वापसी की तिथि - 31 जनवरी
मतदान की तिथि - 14 फरवरी
मतगणना की तिथि - 10 मार्च
मंत्रियों की सरकारी सेवाएं थमी
आचार संहिता लागू होते ही सरकार के मंत्रियों और दर्जाधारियों को मिल रही गनर आदि की सुविधाएं हटा दी गई हैं। सरकारी वाहनों के चुनाव प्रचार आदि कार्यों में इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। किसी भी सरकार वाहन को कोई भी प्रत्याशी या पार्टियों से जुड़ा व्यक्ति इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। पब्लिक फंड की कोई भी गाड़ी केवल सरकारी काम में ही प्रयोग में लाई जा सकेगी। सभी जिला चुनाव अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर इस नियम का पालन करते हुए अपनी रिपोर्ट आयोग को भेजनी होगी। इसके अलावा विज्ञापन, सरकारी वेबसाइट से प्रचार को प्रभावित करने वाली तस्वीरें तत्काल हटेंगी। कोई भी नया टेंडर जारी नहीं होगा।
आयोग के सचल दल, मॉनिटरिंग समितियां सक्रिय
चुनाव आचार संहिता लागू होते ही आयोग के सभी सचल दल और चुनाव की निगरानी करने वाली मॉनिटरिंग कमेटियां भी सक्रिय हो गई हैं। इस दौरान शराब, कैश आदि कहीं भी पकड़ा गया तो तत्काल कार्रवाई होगी। इसकी शिकायत सुनने और कार्रवाई के लिए सचिवालय में ही कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसमें सभी प्रवर्तन एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। ताजा मतदाता सूची के मुताबिक, प्रदेश में 81 लाख 43 हजार 922 मतदाता और 94265 सर्विस वोटर इस बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। पिछले चुनाव में मतदाताओं की संख्या 76 लाख छह हजार 688 थी।
वोटर आईडी के अलावा इन्हें दिखाकर भी डाल सकेंगे वोट
आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक या डाकघर की ओर से जारी फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर के तहत आरजीआई की ओर से जारी स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन अभिलेख, केंद्र या राज्य या सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों की ओर से जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र। इसके लिए शर्त यह है कि वोटर लिस्ट में मतदाता का नाम होना चाहिए। निर्वाचन विभाग ने सभी से अपील की है कि वह अपना नाम वोटर लिस्ट में पहले ही चेक कर लें। अगर नाम शामिल नहीं है तो नामांकन की अंतिम तिथि से पहले हर हाल में नाम जुड़वा लें।
इस तरह कर सकेंगे नियमों के उल्लंघन की शिकायत
सी विजिल एप : इस एप पर आप आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ी कोई भी शिकायत तस्वीर के साथ पोस्ट करेंगे तो 100 मिनट के भीतर चुनाव आयोग की टीम इस पर कार्रवाई करेगी। फिलहाल, आप चुनाव प्रचार सामग्री से जुड़ी शिकायतें भी इस पर भेज सकते हैं।
डायल 1950 : आप अपनी शिकायत इस टोल फ्री नंबर पर कॉल करके भी बता सकते हैं। 24 घंटे के भीतर आपकी शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी तरह की अवैध लेनदेन से लेकर शराब तक की सभी शिकायत आप इस नंबर पर बता सकते हैं।
विस चुनाव में 40 लाख तक खर्च कर सकेंगे प्रत्याशी
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी अब अपने प्रचार पर 40 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे। प्रदेश के सभी राजनीतिक दल बढ़ती महंगाई को देखते हुए खर्च की सीमा में बढ़ोतरी करने की मांग कर रहे थे। कुछ दिनों पहले उत्तराखंड में चुनावी तैयारियों का जायजा लेने आए मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा से भाजपा और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव खर्च की सीमा को बढ़ाने का मसला उठाया था।
तब मुख्य चुनाव आयुक्त ने आश्वस्त किया था कि आयोग के स्तर पर एक कमेटी खर्च की सीमा बढ़ाने के संबंध में रिपोर्ट देगी। आयोग ने कमेटी की सिफारिशों पर खर्च की सीमा बढ़ा दी है। कमेटी ने अपने अध्ययन में पाया कि 2014 से 2021 के मध्य मतदाताओं की संख्या और महंगाई सूचकांक में बढ़ोतरी हुई है। सात सालों में 12.23 फीसद की दर से मतदाता बढ़े हैं, जबकि इन वर्षों में कास्ट महंगाई सूचकांक में 32.08 फीसद तक वृद्धि हुई। इसे ध्यान में रखकर समिति ने खर्च की सीमा को बढ़ाने का निर्णय किया।
विधानसभा में खर्च की सीमा
2014 - 2022
विधानसभा - 28 लाख - 40 लाख
लोकसभा - 70 लाख - 95 लाख
हमने मुख्य चुनाव आयुक्त से मुद्रा स्फीति की दर के हिसाब से चुनाव खर्च की सीमा को बढ़ाने का अनुरोध किया था। हम उनके आभारी हैं कि उन्होंने जो हमें आश्वासन दिया था, उसके अनुसार खर्च की सीमा को बढ़ाया गया। साथ ही हमने जो भी सुझाव दिए थे, उन पर भी आयोग कार्रवाई कर रहा है।
- एडवोकेट राजीव शर्मा बंटू, भाजपा
बढ़ती महंगाई के बीच खर्च की सीमा बढ़ाए जाना बड़ी राहत है। लेकिन हम उम्मीद कर रहे थे कि आयोग इसे 50 लाख रुपये तक करेगा। आशा है कि भविष्य में इसे बढ़ाया जाएगा। मुख्य सूचना आयुक्त से खर्च की सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। हम आयोग का आभार व्यक्त करते हैं।
- मथुरा दत्त जोशी, प्रदेश संगठन महामंत्री, कांग्रेस
उत्तराखंड के आगामी चुनाव से जुड़े रोचक तथ्य
- सबसे कम महिला वोटर चंपावत में हैं, जिनकी संख्या 9,7,061 है।
- प्रदेश में सर्वाधिक 22,23,070 वोटर 30 से 39 आयु वर्ग के हैं जबकि सबसे कम 1,58,008 वोटर 18 से 19 आयु वर्ग के हैं।
- 80 प्लस आयु वर्ग के प्रदेश में 1,58,742 वोटर हैं, जिनमें सर्वाधिक 90 हजार 314 महिलाएं और 68 हजार 428 पुरुष हैं।
- प्रदेश में 68,478 दिव्यांग वोटर हैं, जिनमें 43,672 पुरुष और 24,805 महिला मतदाता हैं।
- सबसे अधिक 14,81,874 वोटर देहरादून जिले में और सबसे कम 1,92,724 वोटर रुद्रप्रयाग जिले में हैं।
आचार संहिता का असर
- सार्वजनिक उद्घाटन, शिलान्यास बंद
- नए कामों की स्वीकृति बंद
- सरकार की उपलब्धियों वाले होर्डिंग्स नहीं लगेंगे
- संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में नहीं होंगे शासकीय दौरे
- सरकारी वाहनों में नहीं लगेंगे सायरन
- सरकार की उपलब्धियों वाले लगे हुए होर्डिंग्स हटाए जाएंगे
- सरकारी भवनों में पीएम, सीएम, मंत्री, राजनीतिक व्यक्तियों के फोटो निषेध रहेंगे
- सरकार की उपलब्धियों वाले प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और अन्य मीडिया में विज्ञापन नहीं दे सकेंगे
- किसी तरह के रिश्वत या प्रलोभन से बचें। न दें, न लें
- सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर खास खयाल रखें। इसलिए किसी तरह मैसेज को शेयर करने या लिखने से पहले आचार संहिता के नियमों को सही तरीके से पढ़ लें।
प्रदेश में इन तिथियों पर हो चुके हैं चुनाव
2017 में 15 फरवरी
2012 में 30 जनवरी
2007 में 21 फरवरी
2002 में 14 फरवरी