Uttarakhand Election 2022: भाजपा के टिकटों पर दिल्ली में मंथन, जल्द घोषित कर सकते हैं प्रत्याशी
नई दिल्ली में केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक में उत्तराखंड से भेजे गए नामों के पैनल पर मंथन होगा। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी भाग लेंगे।
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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा बुधवार देर रात या गुरुवार तक अपने प्रत्याशियों का एलान कर सकती है। बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक में उत्तराखंड से भेजे गए नामों के पैनल पर मंथन हुआ है। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी भाग लिया।
प्रदेश भाजपा से प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार ने भी बैठक में शिरकत की। प्रदेश अध्यक्ष कौशिक के मुताबिक, पार्टी के कोर ग्रुप और चुनाव समिति में विचार-विमर्श के बाद प्रदेश से केंद्रीय संगठन को सभी 70 विधानसभा सीटों पर पैनल तैयार करके भेजे जा चुके हैं।
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सूत्रों के अनुसार, 15 जनवरी को प्रदेश मुख्यालय में हुई चुनाव समिति की बैठक में करीब 50 नामों पर पार्टी की सहमति बन चुकी है। शेष 20 विधानसभा सीटों पर भेजे गए पैनल में तीन से अधिक नाम भी बताए जा रहे हैं। केंद्रीय नेतृत्व को भेजे गए पैनल पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में एक बैठक हो भी चुकी है। इस बैठक में पैनल में भेजे गए नामों के कद और उनके जिताऊ होने की संभावना पर गंभीरता से विचार किया गया।
अब बुधवार को सुबह केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक में उत्तराखंड से भेजे गए नामों पर विधानसभा वार चर्चा हुई। बकौल कौशिक, कोई जरूरी नहीं कि पार्टी चरणों में प्रत्याशियों की सूची जारी करे। उनके मुताबिक, पार्टी सभी 70 विधानसभा सीटों पर एक साथ भी प्रत्याशी घोषित कर सकती है।
भाजपा में इन सीटों पर गहरा सोच विचार
भाजपा में जिन विधानसभा सीटों पर गहरा सोच विचार हो रहा है, उनमें डोईवाला, कोटद्वार, राजपुर रोड, टिहरी, घनसाली, प्रतापनगर, यमुनोत्री, केदारनाथ, झबरेड़ा, पौड़ी, थराली, कर्णप्रयाग, नैनीताल, जागेश्वर, अल्मोड़ा, रानीखेत, गंगोलीहाट, काशीपुर, ज्वालापुर, बाजपुर, रामनगर, लालकुआं, हल्द्वानी, द्वारहाट।
अंसतोष थामने के लिए सांसदों ने बनाई टीम
टिकटों के एलान के बाद पार्टी के भीतर उठने वाले अंसतोष को थामने के लिए सांसदों ने टीम बना ली है। सभी दावेदारों की सूची पार्टी के पास है और सांगठनिक नेटवर्क के माध्यम से उन पर नजर रखी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने सांसदों को डेमेज कंट्रोल की जिम्मेदारी दे रखी है। हरिद्वार के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, अल्मोड़ा के सांसद अजय टम्टा, नैनीताल-यूएसनगर के सांसद अजय भट्ट अपने-अपने स्तर पर दावेदारों से संपर्क बनाए हुए हैं।
हरक सिंह को हटाए जाने से बदले समीकरण
पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को भाजपा से हटाए जाने के बाद कुछ विधानसभा सीटों पर समीकरण बदले हैं। मिसाल के तौर पर हरक के जाने से कोटद्वार सीट के अलावा उन सीटों पर भी पार्टी को नए सिरे से रणनीति बनानी पड़ सकती है, जिन पर हरक सिंह की नजर है। हरक सिंह लैंसडौन, डोईवाला और केदारनाथ पर दावा ठोकते आ रहे थे। भाजपा को अब इन तीनों सीटों पर प्रत्याशियों के नाम तय करने में नई रणनीति बनानी पड़ सकती है।
करीब 16 सिटिंग विधायकों के टिकट काटे जाने की चर्चा
उत्तराखंड की सभी 70 विधानसभा सीटों पर नामों के पैनल भेज देने के बाद भाजपा में करीब 16 सिटिंग विधायकों का टिकट काटे जाने की चर्चा है। बता दें कि इतने ही विधायक पिछले कुछ दिनों से पार्टी नेताओं के चक्कर काटते नजर आ रहे थे।
टिकट के दावेदारों ने लगाई दिल्ली दौड़
भाजपा में टिकट के दावेदारों ने दिल्ली दौड़ लगाई है। कुछ दावेदार पहले से ही दिल्ली में बताए जा रहे हैं। वे केंद्रीय संसदीय बोर्ड के सदस्यों से संपर्क साध कर अपने नाम की पैरवी करने का अनुरोध कर रहे हैं। गढ़वाल और कुमाऊं के कुछ विधायक पिछले कई दिनों से देहरादून में डेरा जमाए हुए हैं। वे भी प्रांतीय नेताओं के चक्कर काट रहे हैं।
मुख्यालय में विधायक केदार सिंह को टिकट देने का किया विरोध
भाजपा में यमुनोत्री सीट पर घमासान बढ़ गया है। दर्जनों की संख्या में भाजपा के पदाधिकारी, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा ग्राम प्रधान आज भाजपा मुख्यालय बलवीर रोड पंहुचे और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओ का कहना था कि कांग्रेसी मूल के विधायक केदार सिंह रावत यमुनोत्री में समानांतर संगठन चला रहे हैं। क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ता पूरी तरह से उपेक्षित हैं और उनको पांच साल से तवज्जो नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि हम केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड तक अपनी बात पहुचाने के लिए आए हैं और वर्तमान विधायक को इस सीट पर टिकट दिए जाने पर वह अन्य दलों का रुख कर लेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी किसी भाजपा मूल के व्यक्ति को टिकट देती है तो वह सब उसके लिए कार्य कर विजयी बनाएंगे। केदार सिंह को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।