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उत्तराखंड में 'का बा' : नेता  पहुंचे  द्वार चुनावी मौसम में, वोटों की दरकार चुनावी मौसम में

Wed, 09 Feb 2022 12:33 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 09 Feb 2022 12:33 PM IST
सार

हमने निवेदन किया था कि उत्तराखंड में का बा अर्थात उत्तराखंड सरकार की उपलब्धियों अथवा ज्वलंत मुद्दों पर सरकार से सवाल करने की मुद्रा में ही रचनाएं भेजनी है।

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Uttarakhand Election 2022:  Ka Ba pairodi famous in Uttarakhand State
neta ji

विस्तार

उत्तराखंड में का बा के विमर्श में बड़ी संख्या में रचनाएं प्राप्त हो रही हैं। हमने निवेदन किया था कि उत्तराखंड में का बा अर्थात उत्तराखंड सरकार की उपलब्धियों अथवा ज्वलंत मुद्दों पर सरकार से सवाल करने की मुद्रा में ही रचनाएं भेजनी है। कई रचनाएं विषय से भटकी मिल रही हैं। उनका प्रकाशन हम नहीं कर पा रहे। लिहाजा कुछ चुनिंदा रचनाओं का ही प्रकाशन किया जा रहा है। 

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नेता  पहुंचे  द्वार चुनावी मौसम में
वोटों  की दरकार चुनावी मौसम में
सबकी यही पुकार चुनावी मौसम  में।
कर दो  बेड़ा  पार  चुनावी मौसम  में।
खाकर भी दुत्कार चुनावी मौसम में।
लुटा  रहे  हैं  प्यार  चुनावी मौसम में।
नेता  पहुंचे द्वार  चुनावी मौसम में।
वोटों की दरकार चुनावी मौसम में।
सच को पड़ती मार चुनावी मौसम में।
झूठ  भरे  हुंकार  चुनावी  मौसम  में।
- सुरेन रावत

कितने चिरागों को बुझा दिया 
इस हवा ने तो घर जला दिया
कुछ बेरोजगारी से मरे
कुछ बीमारी से मरे
कुदरत ने ये कैसा कहर बरपा दिया
-कृष्णा धरवान, रुद्रप्रयाग

ज्वलंत मुद्दों पर भेज रहे रचनाएं

रुपया पैसा, दारू, साड़ी, चले यहां हर दांव
गुजर गए फिर पांच बरस फिर आ गया चुनाव
उड़ने लगीं दावतें, अब जलने लगे अलाव
गुजर गए फिर पांच बरस फिर आ गया चुनाव
बेघर और गरीबों के प्रति उमड़ा करुणा भाव
गुजर गए फिर पांच बरस फिर आ गया चुनाव
हर गरीब की थाली में दिखने लगा पुलाव 
गुजर गए फिर पांच बरस फिर आ गया चुनाव
-हिमांशु जोशी,  चंपावत

पवित्र देवभूमि बा, शूरवीरों की भूमि बा ।
यहां चारों देवालय बा, हिंद मुकुट हिमालय बा ।
संजीवनी बूटी बा, फूलों की घाटी बा ।
स्वास्थ में ऐम्स बा, उद्योग में भेल बा ।
ओली में खेल बा, अकूत वन संपदा बा ।
विद्युत उत्पादन ज्यादा बा, नेक नियति तो सब कुछ बा ।
-महेंद्र कुमार, हरिद्वार

दल वाले दल बदल कर देंगे
जनता को फिर बेदखल कर देंगे।
दल-दल के कीचड़  में न फंसकर।।
निर्दल के कुनबे मे आ जाओ।
जीतने के बाद सरकार में मंत्री बनूंगा।
मुझ पर तुम एक बार  भरोसा तो जताओ।
कुछ चहेतों को बांटूंगा कुछ तुम्हें खिलाऊंगा।
लेकिन जनता के विश्वास को बनाएं रखूंगा।
- राममूर्ति सिलवाल
उत्तरकाशी


भापजा सरकार बा
 युवा मंत्री धामी बा।
 हो रहा विकास बा।
 सड़क बिजली पानी बा ।
ऑल वेदर रोड बा।
 सैनिकों का सम्मान बा।
 चहूं ओर खुशहाली बा।
- रेखा सिंघल, हरिद्वार

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