Uttarakhand Election 2022: महिला योद्धाओं का सियासी रण, पार्टियों में आधी आबादी की कितनी हिस्सेदारी, पढ़ें खास रिपोर्ट
2017 के चुनाव में कांग्रेस ने सात सीटों पर महिलाओं को मैदान में उतारा था। इस बार इनमें से तीन पर पुरुषों को टिकट मिल सकता है।
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कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की मुहिम लड़की हूं, लड़ सकती हूं मैं... यूपी फार्मूले को आधार बनाकर उत्तराखंड में भी कांग्रेस से जुड़ी आधी आबादी विस चुनाव में 40 फीसदी हिस्सेदारी मांग रही है। विधानसभा चुनाव के लिए 78 महिलाओं ने स्क्रीनिंग कमेटी के सामने टिकट के लिए आवेदन किया है। इनमें 64 सामान्य तो 14 सीटों पर आरक्षित उम्मीवार महिलाओं ने दावा पेश किया है। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सरिता आर्य ने हाईकमान को पत्र लिखकर चुनाव में 40 फीसदी टिकट महिलाओं को देने की मांग की है।
2017 के चुनाव में कांग्रेस ने सात सीटों पर महिलाओं को मैदान में उतारा था। इस बार इनमें से तीन पर पुरुषों को टिकट मिल सकता है। 2017 में भगवानपुर सीट से ममता राकेश और हल्द्वानी सीट से डॉ. इंदिरा हृदयेश ही जीतने में कामयाब रहीं थीं। बाकी सीटों पर हार का सामना करना पड़ रहा था।
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पार्टी सूत्रों की मानें तो हाल ही में भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य बाजपुर सीट से दावेदारी जता रहे हैं। ऐसे में सुनीता टम्टा बाजवा का टिकट कट सकता है। वहीं, दूसरी तरफ उनके साथ भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए बेटे और निवर्तमान विधायक संजीव आर्य को भी नैनीताल सीट से प्रबल दावेदार माना जा रहा है। ऐसे में इस सीट पर सरिता आर्य का टिकट कट सकता है। हल्द्वानी में डॉ. इंदिरा हृदयेश के निधन के बाद माना जा रहा है कि इस सीट पर पार्टी उनके बेटे सुमित हृदयेश पर दांव खेल सकती है।
वर्ष 2017 में कांग्रेस महिला प्रत्याशियों को मिला वोट प्रतिशत
सीट - प्रत्याशी -वोट प्रतिशत
रुद्रप्रयाग - लक्ष्मी राणा - 25.27
मसूरी - गोदावरी थापली - 38.70
भगवानपुर - ममता राकेश -48.18
सल्ट - गंगा पंचोली - 42.55
नैनीताल - सरिता आर्य- 37.20
हल्द्वानी - इंदिरा हृदयेश - 46.49
बाजपुर - सुनिता टम्टा- 40.63
सितारगंज - मालती विश्वास - 25.32
कांग्रेस निसंदेह महिला कार्यकर्ताओं को भागीदारी देगा। जहां भी महिला नेता चुनाव के लिहाज से सशक्त स्थिति में हैं और पिछले पांच साल से क्षेत्र में जनता के बीच कार्य कर रही हैं, उनके आवेदन पर विचार किया जाएगा।
- अविनाश पांडे, चेयरमैन कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी
यूपी में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट दिए जाने की बात कही है। हमारी मांग है कि इस फार्मूले को उत्तराखंड में भी लागू किया जाए। इसके लिए मैंने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित तमाम वरिष्ठों को पत्र लिखा है। स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया है।
- सरिता आर्य, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष
भाजपा : दिग्गजों की सीटों पर महिलाओं की दावेदारी का दम
विधानसभा के चुनाव में इस बार महिलाएं ज्यादा दमदारी के साथ दावेदारी करती दिखाई दे रही हैं। भाजपा में कुछ महिलाओं ने दिग्गज नेताओं की सीट पर दावेदारी करने का साहस दिखाया है। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने पांच सीटों पर महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था। इस बार महिलाएं पिछले चुनाव की तुलना में अधिक सीटों पर टिकट की उम्मीद कर रही हैं।
कांग्रेस की तरह भाजपा ने भी अभी उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। इसीलिए दोनों ही दलों में महिला दावेदार भी टिकट के लिए पूरी कोशिश में जुटी हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के मुताबिक, पार्टी महिलाओं और युवाओं को टिकटों में प्राथमिकता देगी। पिछले चुनाव में पार्टी ने केदारनाथ ने शैला रानी रावत, चकराता से मधु चौहान, यमकेश्वर ऋतु खंडूड़ी, गंगोलीहाट से मीना गंगोला, सोमेश्वर रेखा आर्या को टिकट दिया था।
बाद में थराली के विधायक स्व. मगनलाल शाह की पत्नी मुन्नी देवी और पिथौरागढ़ से विधायक स्व. प्रकाश पंत की पत्नी चंद्रा पंत विधायक बनीं। 2022 के चुनाव में भी ये सभी महिला नेत्रियां टिकट की दावेदार हैं। पार्टी के दिग्गज नेताओं की सीटों पर भी कुछ नए चेहरे दावेदारी कर रहे हैं। ऋषिकेष, कोटद्वार, मसूरी, रायपुर, रुद्रप्रयाग, राजपुर रोड, कैंट समेत कई अन्य सीटों पर भाजपा की महिला नेत्रियों ने टिकट की दावेदारी की है।
महिला मोर्चा की ओर से अधिक से अधिक महिलाओं को टिकट की पैरवी की जा रही है। मेरे पास जो आवेदन आए हैं, वो मैंने पार्टी नेतृत्व को उपलब्ध करा दिया हैं। महिलाओं ने अपने स्तर पर भी दावेदारी की है। दावेदारों के नामों पर बैठक होगी तो उसमें मजबूूती के साथ पैरवी की जाएगी।
- ऋतु खंडूड़ी, प्रदेश अध्यक्ष, महिला मोर्चा
आप में टिकट की दौड़ में महिलाएं पीछे
आम आदमी पार्टी में टिकट की दौड़ में महिलाएं पीछे हैं। अब तक पार्टी ने 42 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इसमें तीन सीटों पर पार्टी ने महिलाओं को टिकट दिया है। ज्वालापुर, खानपुर और राजपुर रोड सीट पर महिलाओं को टिकट दिया है। उत्तराखंड में आधी आबादी महिलाओं की है। महिला वोट बैंक को साधने के लिए आप नेता व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपये देने का एलान कर चुके हैं। लेकिन विधानसभा चुनाव में टिकटों की दौड़ में महिलाएं पीछे हैं।
आप अब तक 42 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। इसमें तीन सीटों पर महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा है। इसमें ज्वालापुर से ममता सिंह, खानपुर से मनोरमा त्यागी, राजपुर रोड से डिंपल सिंह को पार्टी ने प्रत्याशी घोषित किया है। अभी तक 28 सीटों पर प्रत्याशी की घोषणा होनी बाकी है। महिलाओं को टिकट देने की स्थिति यही रही तो 70 सीटों में से पांच से छह सीटों पर महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में होगी। केजरीवाल ने सत्ता में आने के बाद 18 साल से अधिक आयु की महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपए देने की गारंटी दी है लेकिन चुनाव में महिलाओं को प्रतिनिधित्व कम है।