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उत्तराखंड चुनाव 2022: वर्चुअली जनता से जुड़े मनीष सिसोदिया, कहा- पिछले 21 सालों में नेताओं ने राज्य को लूटा

Mon, 10 Jan 2022 01:08 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 10 Jan 2022 01:08 PM IST
सार

आप प्रवक्ता नवीन पिरशाली ने बताया कि आप वर्चुअल संवाद शुरू करने वाली पहली राजनीतिक पार्टी है, जो कोविड के नियमों को ध्यान में रखकर इस तरह के आयोजन करने जा रही है।

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मनीष सिसोदिया - फोटो : एएनआई फाइल फोटो

विस्तार

कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ने के कारण चुनाव रैलियों पर लगी रोक के चलते आम आदमी पार्टी वर्चुअल माध्यम से जनता तक पहुंच रही है। इस क्रम में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को वर्चुअल नवपरिवर्तन संवाद की शुरुआत की है। उन्होंने अपने पहले संवाद में उत्तराखंड की जनता को संबोधित किया। इसी तहर 16 जनवरी तक पार्टी के बड़े नेता वर्चुअल माध्यम से जनता से संवाद करेंगे। 

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कांग्रेस और भाजपा के नेता माला-माला होते गए
मनीष सिसोदिया संवाद के दौरान कहा कि आज से ठीक 35 दिन बाद यानी 14 फरवरी को उत्तराखंड में नई सरकार के लिए चुनाव होना है। ये चुनाव केवल नई सरकार के लिए नहीं है। बल्कि उत्तराखंड के स्कूल कैसे होंगे, अस्पताल कैसे होंगे, लोगों को रोजगार मिलेगा या नहीं, पहाड़ों से पलायन रुकेगा या नहीं, इसका चुनाव है। कहा कि 21 साल पहले महान आंदोलन से उत्तराखंड राज्य का जन्म हुआ। उत्तराखंड के लिए लोगों ने बड़ी-बड़ी कुर्बानियां दीं, खून-पसीना बहाया, नौकरी-व्यापार-घर छोड़कर आंदोलन चलाया कि लखनऊ बहुत दूर है सरकार को पहाड़ों तक लाया जाए। लेकिन अलग राज्य बनने का फायदा भाजपा और कांग्रेस को छोड़कर किसी को नहीं मिला। 
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राज्य आंदोलन चलाने वाले आंदोलनकारियों और राज्य के लोगों के हाथ कुछ नहीं लगा। जितने बदहाल स्कूल पहले थे उतने ही बदहाल अब हैं। अस्पताल जितने बदहाल तब थे अब भी हैं। पलायन भी जस का तस है। कांग्रेस और भाजपा के नेता माला-माला होते गए, नेता राज्य को लूटते गए। हमने जिन्हें सत्ता की चाभी दी उन्होंने आपस में सेटिंग कर ली, कि पांच साल तुम लूटो, पांच साल हम। अगर 21 साल में इन पार्टियों ने कुछ किया होता तो आज पहाड़ में बसने वाली महिलाएं प्रसव पीड़ा में दम नहीं तोड़तीं।

उत्तराखंड राज्य जहां बिजली बनती है वहां लोगों को फ्री बिजली नहीं मिल सकती क्या? कहा कि अगर दिल्ली के दो तिहाई लोगों को फ्री बिजली मिल सकती है यहां के लोगों को क्यों नहीं मिल सकती। मैं आज आप सभी से निवेदन करना चाहता हूं कि अब उत्तराखंड को बदलने का समय आ गया है। कहा कि आप 14 फरवरी के दिन झाड़ू पर बटन दबाकर उत्तराखंड की सिर्फ राजनीति को नहीं बदल रहे होंगे, बल्कि उत्तराखंड को बदल रहे होंगे। आज उत्तराखंड को एक नया विकल्प मिल रहा है।

वर्चुअल माध्यम से नवपरिवर्तन संवाद
आम आदमी पार्टी नवपरिवर्तन अभियान के तहत 10 जनवरी से वर्चुअल माध्यम से नवपरिवर्तन संवाद शुरू किया है। आप प्रवक्ता नवीन पिरशाली ने बताया कि आप वर्चुअल संवाद शुरू करने वाली पहली राजनीतिक पार्टी है, जो कोविड के नियमों को ध्यान में रखकर इस तरह के आयोजन कर रही है। उन्होंने बताया कि डिजिटल जनता से जुड़ने का सबसे बड़ा माध्यम है। इसे देखते हुए पार्टी वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के लोगों तक अपनी नीतियों को पहुंचाएगी।

10 जनवरी से शुरू होने वाला वर्चुअल नवपरिवर्तन संवाद 16 जनवरी तक चलेगा। 11 जनवरी को दूसरी वर्चुलल संवाद को राज्यसभा सांसद संजय सिंह संबोधित करेंगे। 12 जनवरी को दिल्ली के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम, 13 जनवरी को दिल्ली विधायक सौरभ भारद्वाज, 14 जनवरी को आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता आतिशी, 15 जनवरी को दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री सतेंद्र जैन और 16 जनवरी को आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष गोपाल राय वर्चुअल नवपरिवर्तन संवाद करेंगे।

आप ने बनाई 36 दिनों के लिए चुनावी रणनीति

प्रदेश में चुनाव की तारीख तय होने के बाद आम आदमी पार्टी ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए आगामी 36 दिनों के लिए चुनाव रणनीति बनाई है। रविवार को दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने पार्टी पदाधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 21 साल की भ्रष्ट राजनीति को उखाड़ फेंकने के लिए आप तैयार है। 

प्रदेश में कोरोना गाइडलाइन को देखते हुए 16 जनवरी तक चुनावी रैली पर रोक लगी हुई है। कोरोना संक्रमण के बीच आप ने 36 दिनों की चुनावी रणनीति बनाई है। पार्टी की ओर से वर्चुअल बैठक कर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया जा रहा है। 

कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने कहा कि उत्तराखंड में 21 साल की भ्रष्ट राजनीति को उखाड़ फेंकने के लिए कार्यकर्ता एकजुट होकर कार्य करें। पार्टी की पहुंच प्रदेश के सभी बूथों तक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आप पूरे प्रदेश में सकारात्मक प्रचार अभियान चलाएगी। हर एक-एक घर में पार्टी के कार्यकर्ता दो-दो बार संपर्क करेंगे। चुनाव के लिए 36 दिन ही शेष हैं। जिसे पार्टी की नीतियों और गारंटी में ज्यादा से ज्यादा लोगों का पंजीकरण कराया जाए। जो कार्यकर्ता सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं, उन्हें नव परिवर्तन प्रमुख बनाया जाए। प्रदेश के हर 10 घर में एक नव परिवर्तन प्रमुख बनाया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि आने वाले 30 दिनों में डोर टु डोर अभियान तेज करना पड़ेगा। भाजपा और कांग्रेस वालों के घर जाकर भी उनसे वोट करने की अपील करें। हर प्रत्याशी अपनी अन्य तैयारियों के साथ अपनी लीगल तैयारी भी पूरी करें। प्रत्येक विधानसभा में पांच लोगों की कम से कम 20 टीमें घर-घर जाकर संपर्क करेगी। मतदान से पहले दो बार प्रत्येक घर तक पहुंचे। 

उन्होंने कहा कि हर दिन शाम को जोन प्रभारियों के माध्यम से एक रिपोर्ट भेजी जाएगी। अगले 10 दिनों में आम आदमी पार्टी को प्रदेश में इसी तरीके से घर-घर जाकर नया माहौल बनाना है। पोलिंग और बूथ प्रभारियों को नई जिम्मेदारी दी जाएगी। 

आप के लिए देश में बदलाव लाने का मौका : केजरीवाल

 कोविड जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वर्चुअल माध्यम से चुनाव को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद कर उनमें जोश भरा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के लिए चुनाव देश और समाज में बदलाव लाने का मौका है। पार्टियां बदलने से कुछ होने वाला नहीं है, हमें सिस्टम को बदलना है।

प्रदेश कार्यालय से कर्नल अजय कोठियाल (सेनि.), प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया समेत कई पार्टी पदाधिकारी और विधानसभाओं के प्रभारी वर्चुअल कार्यक्रम में जुड़े। इस दौरान केजरीवाल ने कहा कि आयोग ने चुनाव का एलान कर दिया है। इसके लिए पार्टी के हर कार्यकर्ता को तैयार रहना होगा। आज तक राजनीतिक दल ये कहते थे कि सरकार चलाने में बेईमानी करनी पड़ती है। लेकिन हम चुनाव प्रचार नहीं, देश में बदलाव की भावना से काम कर रहे हैं।

हर कार्यकर्ता को इसी सोच से कार्य करना है। चुनाव के माध्यम हमें एक ईमानदार व्यवस्था लागू करनी है। दिल्ली में आप की सरकार ने यह साबित करके दिखाया है कि परिवर्तन हो सकता है। साथ ही ईमानदारी से सरकार चलाने और धन बल के बिना भी चुनाव लड़ कर जीते जा सकते हैं।

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