फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand election 2022: BJP dreaming forming government second time, Harish Rawat and Kejriwal is big challenge

उत्तराखंड चुनाव 2022: दूसरी बार सरकार बनाने का सपना देख रही भाजपा हरीश रावत और केजरीवाल के लिए बुन रही जाल

Sat, 18 Sep 2021 04:25 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून
राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 18 Sep 2021 04:25 PM IST
सार

प्रदेश में विधानसभा के चुनाव की तैयारियों की थाह लेने दिल्ली से देहरादून पहुंचे भाजपा के चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी और सह चुनाव प्रभारी सरदार आरपी सिंह ने कुछ ऐसे ही संकेत दिए हैं।

विज्ञापन
uttarakhand election 2022: BJP dreaming forming government second time, Harish Rawat and Kejriwal is big challenge
प्रह्लाद जोशी - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का सपना देख रही प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए जाल बुन रही है।  

विज्ञापन


चुनाव 2022: ऋषिकेश में शुरू हुई भाजपा की जन आशीर्वाद रैली, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत बड़े नेता मौजूद
विज्ञापन


प्रदेश में विधानसभा के चुनाव की तैयारियों की थाह लेने दिल्ली से देहरादून पहुंचे भाजपा के चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी और सह चुनाव प्रभारी सरदार आरपी सिंह ने शुक्रवार को कुछ ऐसे ही संकेत दिए। दोनों केंद्रीय नेताओं ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर हमला बोला और दोनों के निशाने पर कमोबेश हरीश रावत और केजरीवाल ही रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उत्तराखंड चुनाव 2022: हरिद्वार के दूधाधारी चौक से हरकी पैड़ी के लिए निकली परिवर्तन यात्रा

दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन आम आदमी पार्टी ने उत्तराखंड विधानसभा की सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया था, सत्तारूढ़ भाजपा ने इसे बेहद हल्के ढंग से लिया। पार्टी ने आप को लगातार अंदाज करने की कोशिश की। लेकिन विधानसभा चुनाव की दृष्टि से पार्टी के स्तर पर कराए गए सर्वेक्षणों के नतीजों ने भाजपा को अपनी रणनीति पर नए सिरे से मंथन करने को मजबूर किया है। 

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश में दो विरोधी नेताओं कांग्रेस के हरीश रावत और आप के केजरीवाल को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। सियासी जानकारों का मानना है कि कांग्रेस में हरीश रावत भाजपा के लिए बड़ी चुनौती हो सकते हैं। 

कांग्रेस के भीतर सुलग रही खेमेबाजी को हवा देना चाहती है भाजपा

हालांकि माना यह भी जा रहा है कि भाजपा हरीश रावत को टारगेट करके कांग्रेस के भीतर सुलग रही खेमेबाजी को हवा देना चाहती है। इसे चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी के इस बयान से समझा जा सकता है, जिसमें उन्होंने कहा कि हरीश रावत के साथ प्रदेश अध्यक्ष के अलावा कोई नहीं है और पूरी पार्टी उनके खिलाफ है।

 इधर, राजनीतिक कार्यक्रमों और सोशल मीडिया पर बयानबाजी के जरिये हरीश रावत लगातार सक्रियता बनाकर कांग्रेस में सबसे ज्यादा फुटेज लेने की कोशिश कर रहे हैं। अब रही बात आम आदमी पार्टी और उसके मुखिया दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तो वह अब दो बार आ चुके हैं।

दोनों बार उन्होंने घोषणाओं के धमाके किए, जिस पर सियासी बहस छिड़ गई। पहले दौरे में केजरीवाल ने 300 यूनिट फ्री बिजली का एलान किया तो कांग्रेस के हरीश रावत और भाजपा सरकार के ऊर्जा मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को भी फ्री बिजली की घोषणा करनी पड़ी। 
 

उत्तराखंड को अध्यात्मिक राजधानी बनाने की घोषणा की

दूसरे दौरे में केजरीवाल ने कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कोठियाल को मुख्यमंत्री का चेहरा और उत्तराखंड को अध्यात्मिक राजधानी बनाने की घोषणा की। अब इसे संयोग कहें या रणनीति, प्रदेश में फौज से रिटायर्ड अफसर को राजभवन की कमान सौंपी।

सियासी जानकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह को उत्तराखंड का राज्यपाल बनाए जाने को सैन्य बहुल राज्य में आप के फौजी कार्ड के काउंटर के तौर पर देख रहे हैं। दिल्ली से आए सह चुनाव प्रभारी सरदार आरपी सिंह ने भी शुक्रवार को जिस आक्रामक अंदाज में नई दिल्ली में आप सरकार और केजरीवाल पर हमला बोला, उसने साफ कर दिया कि अब भाजपा आम आदमी पार्टी को हल्के में लेने को तैयार नहीं है।

पार्टी ने उत्तराखंड में आरपी सिंह को रणनीतिक तौर पर तैनात किया है। दिल्ली की राजेंद्र नगर सीट से विधायक रहे आरपी सिंह ने केजरीवाल के मोहल्ला क्लिनिक और स्कूल शिक्षा पर खासतौर पर निशाना साधा। आगे चलकर इस निशानेबाजी के और तेज होने के आसार हैं।        

संदेश पर जोर देकर दिल्ली लौटे चुनाव प्रभारी
भाजपा के चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी अपनी टीम के साथ दिल्ली लौट गए हैं। दो दिवसीय दौरे में उन्होंने पार्टी के नेताओं को एक ही सुझाव दिया कि केंद्रीय नेतृत्व ने हाल ही में जो निर्णय लिए हैं, उन्हें उसे संदेश के तौर पर जनता के बीच ले जाना है। मसलन, सिख और फौजी राज्यपाल की तैनाती, पश्चिम बंगाल की सह चुनाव प्रभारी और सिख चुनाव प्रभारी के साथ राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की कमान सिख के हाथों में कमान सौंपने के फैसलों का संदेश सैन्य, बंगाली और सिख समुदाय से जुड़े लोगों के बीच पहुंचाना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed