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आक्रामक बयान देने वाले शिक्षा मंत्री पांडे फिर दिखे फॉर्म में, इस बार बोली ये दो बड़ी बात

Thu, 07 Dec 2017 07:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 07 Dec 2017 07:28 AM IST
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Uttarakhand Education Minister Arvind two big statements
Arvind Pandey
अक्सर आक्रामक बयान देने वाले शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय एक बार फिर फार्म में दिखे। पढ़िए इस बार क्याअक्सर आक्रामक बयान देने वाले शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय एक बार फिर फार्म में दिखे। पढ़िए इस बार क्या बोले शिक्षा मंत्री..
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शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार के दावे बडे़-बडे़ हैं। रिजल्ट मामूली है और चुनौती का प्रभाव अब भी बहुत कम नहीं दिखता। इन स्थितियों के बीच, सिस्टम में सुधार के लिए सरकार ने अल्टीमेटम का चाबुक चलाने का इरादा जाहिर किया है।
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अक्सर आक्रामक बयान देने वाले शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने इस बार कहा कि एक, प्राइवेट स्कूलों के बाहर पार्किंग अब स्वीकार नहीं होगी। स्कूलों को अपने कैंपस में पार्किंग का इंतजाम करना होगा, नहीं तो कार्रवाई झेलनी होगी। दो, अभिभावकों को किताबों के मामले में राहत देने के मामले में कोई समझौता नहीं होगा। जिस पब्लिसर्स ने डुप्लीकेसी की कोशिश की, उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) तक लगाने की कोशिश की जाएगी।
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सरकार ने दून समेत प्रदेश के सभी स्थानों पर स्कूलों के बाहर पार्किंग की व्यवस्था पर कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने डीजीपी अनिल रतूड़ी से इस संबंध में बात की है। 10 दिन का समय प्रदेश के सभी स्कूलों को दिया जा रहा है। स्कूलों से कहा जा रहा है कि वह अपने वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था अपने कैंपस में करें या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
 

Uttarakhand Education Minister Arvind two big statements
arvind pandey
दून समेत प्रदेश में तमाम स्थानों पर ये आम शिकायत है कि स्कूल वाहन यातायात अव्यवस्था का कारण बनते हैं। प्राइवेट स्कूलों के संबंध में ये शिकायतें ज्यादा हैं। जनता मिलन कार्यक्रम में पहुंचे शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने मीडिया से बातचीत में बताया कि ऐसे मामलों में अब सख्त कार्रवाई होगी।

उन्होंने कहा कि डीजीपी को ऐसे मामलों में कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। जिन स्कूलों के बाहर पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, उन्हें ये मोहलत दी जा सकती है कि वे अपने स्कूल की टाइमिंग को बदल लें। स्कूलों के बाहर वाहनों की पार्किंग के कारण यातायात में दिक्कत पैदा नहीं होने दी जाएगी।

डुप्लीकेसी पर सरकार लगाएगी एनएसए

अभिभावकों को पब्लिसर्स की मनमानी से राहत देने के लिए एनसीईआरटी से किताबें छपवाने के मामले में सरकार अडिग है। इस संबंध में एकाध दिन में टेंडर प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा है कि इस मामले में यदि डुप्लीकेसी की शिकायतें आईं, तो सरकार संबंधित लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसएस) तक लगवा देगी।
स्कूली किताबों के संबंध में सरकार ने इस बार एक ही एजेंसी को जिम्मेदार बनाने का निर्णय लिया है।

एनसीईआरटी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार की मंशा ये है कि अपेक्षित रिजल्ट न आने पर संबंधित एजेंसी एक-दूसरे पर दोषारोपण करके जिम्मेदारी से न बच पाएं। जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा साफ है।

इस पर पलीता लगाने के लिए डुप्लीकेट किताबें छापने की यदि किसी ने कोशिश की, तो उस पर एनएसए तक लगवा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को राहत प्रदान करने के संबंध में ये फैसला मील का पत्थर साबित होगा।

 

..मगर आरटीई के एडमिशन हो सकते हैं बंद

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सरकार भले ही सिस्टम में सुधार के लिए प्रयास करने के दावे कर रही हो, लेकिन एक पहलू दूसरा भी है, जिसमें सिस्टम की मार पब्लिक स्कूलों में गरीब बच्चों के प्रवेश पर पड़ सकती है। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत गरीब बच्चों के लिए पब्लिक स्कूलों में 25 फीसदी सीटें आरक्षित हैं।

इसके लिए केंद्र सरकार से पिछले दो सालों से बजट आवंटन नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा, आरक्षित सीटों पर गैरजरूरी लोगों के आ जाने की शिकायतें भी आ रही हैं। सरकार इन सब बातों की समीक्षा कर रही है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के अनुसार, आरटीई के जरिये होने वाले एडमिशन की समीक्षा की जा रही है। ऐसे प्रवेश बंद भी किए जा सकते हैं। इस तरह की स्थिति में आरटीई में ये व्यवस्था भी दी गई है।
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