फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand education and sports minister samiksha baithak in dehradun

उत्तराखंडः राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को मूल पदों पर भेजा जाएगा वापस

Wed, 12 Jun 2019 03:49 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 12 Jun 2019 03:49 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand education and sports minister samiksha baithak in dehradun
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

प्रदेश के सभी स्पोर्ट्स कॉलेज और स्पोर्ट्स हॉस्टल में कोच के पदों पर वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से अस्थाई भर्ती की जाएगी। आउटसोर्सिंग एजेंसी उपनल व पीआरडी के माध्यम से पेशेवर कोच उपलब्ध न हो पाने की संभावनाओं को देखते हुए खेल विभाग ने यह फैसला लिया है। 

विज्ञापन


खेल विभाग में अलग-अलग स्थानों पर कोच के करीब 100 पद रिक्त हैं। विभाग जुलाई से पहले इन पदों पर भर्ती करना चाहता है। लेकिन शासनादेश के अनुसार केवल उपनल या पीआरडी के माध्यम से ही संविदा कर्मी आउटसोर्स किए जा सकते हैं। जबकि उपनल या पीआरडी के जरिये विभाग को पेशेवर कोच मिलने की उम्मीद नहीं है। इसको देखते हुए विभाग ने वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से कोच, सहायक कोच व ग्राउंड स्टाफ की तैनाती करने का निर्णय लिया है। खेल मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि पेशेवर स्टाफ की भर्ती होने पर ही बेहतर खिलाड़ी और खेल सुविधाएं विकसित हो पाएंगी। खेल निदेशक प्रताप शाह ने बताया कि अभी संविदा पर कार्यरत प्रशिक्षक व शिक्षक को 20850 रुपये, पुस्तकालयाध्यक्ष को 12 हजार और ग्राउंड स्टाफ को 10650 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जा रहा है। 

विज्ञापन

समिति तय करेगी निजी स्कूलों की फीस

प्रदेश के निजी विद्यालयों में फीस का निर्धारण जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी। अगले 15 दिनों में सभी जिलों में समिति गठित कर ली जाएगी। इसके बाद अगले माह होने वाली कैबिनेट बैठक में फीस एक्ट का प्रस्ताव लाया जाएगा। हालांकि राज्य सरकार इसे अगले शैक्षणिक स्तर से लागू करेगी। बुधवार को सचिवालय में विभागीय समीक्षा बैठक के बाद शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने यह जानकारी दी।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि समिति में जिला अधिकारी के अलावा मुख्य शिक्षा अधिकारी, सीए, अभिभावकों के प्रतिनिधि, निजी स्कूलों के प्रतिनिधि और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता बतौर सदस्य शामिल होंगे। यह समिति विद्यालयों में सुविधाओं का आंकलन करने के बाद फीस का निर्धारण करेगी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस एक्ट पर लोग ईमेल और व्हाट्सएप से सुझाव भी दे सकेंगे। इनके आधार पर फाइनल ड्राफ्ट तैयार होगा। 

मनमानी पर लगेगी रोक
शिक्षा मंत्री ने कहा कि एक्ट लागू होने के बाद निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लग सकेगी। एक निर्धारित अवधि तक निजी विद्यालय ड्रेस में बदलाव नहीं कर पाएंगे। साथ ही मनमाने ढंग से फीस बढ़ोतरी या अभिभावकों पर सामान खरीदने के लिए दबाव बनाने के मामलों पर भी रोक लगेगी। 

स्कूल कर सकेंगे अपील
शिक्षा मंत्री ने बताया कि समिति उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर स्कूलों की फीस निर्धारित करेगी। उसके बावजूद अगर किसी स्कूल संचालक को लगे कि उनकी सुविधाओं के लिहाज से फीस कम है, तो वह सचिव शिक्षा की अध्यक्षता में गठित होने वाली राज्य स्तरीय समिति में अपील कर सकते हैं।

वर्षवार मेरिट के आधार पर होगी प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति

प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति वर्षवार मेरिट के आधार पर की जाएगी। सरकार ने टीईटी मेरिट के आधार पर नियुक्ति के आदेश को पलटते हुए पूर्ववत व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर पिछले कई दिनों से बीएडी-टीईटी प्रशिक्षित शिक्षा निदेशालय में धरना प्रदर्शन भी कर रहे हैं। विभागीय समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने पूर्व की व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सरकार अगली कैबिनेट में इसका प्रस्ताव लेकर आएगी। राज्य में पहले वर्षवार मेरिट के आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया लागू थी। पिछले वर्ष सरकार ने एक शासनादेश जारी कर इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया था, जिसके बाद से ही बीएड टीईटी प्रशिक्षित सरकार के फैसले का विरोध कर रहे थे।

प्रधानाचार्य रखेंगे अस्थाई शिक्षक
प्रदेश के जिस विद्यालय में स्थाई शिक्षक नहीं हैं, प्रधानाचार्य और एसएमसी मिलकर वहां 15 हजार नियत वेतनमान पर स्थानीय योग्य युवाओं को व्यवस्था पर पढ़ाने के लिए रख सकते हैं। उन्होंने बताया कि केवल उसी ब्लाक के निवासी और सभी पात्रता पूरी करने वाले युवाओं को ही मौका दिया जाएगा। प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में करीब चार हजार एलटी व प्रवक्ता के पद खाली हैं। 

दो तरह के विद्यालय चलेंगे
प्रदेश में अब केवल दो तरह के विद्यालय चलेंगे। कक्षा पहली से पांचवीं तक के प्राथमिक और छठवीं से 12वीं तक के माध्यमिक। छठवीं से आठवीं तक के जूनियर हाईस्कूल और नौवीं-दसवीं वाले हाईस्कूूल को सरकार पूरी तरह बंद करेगी। इनके शिक्षकों को समायोजित किया जाएगा। वहीं, प्राथमिक शिक्षकों को पदोन्नति के अवसर देने के लिए एलटी पदोन्नति में उनका कोटा बढ़ाकर 40 फीसदी किया जाएगा। अभी 30 फीसदी पदोन्नति और 10 फीसदी परीक्षा के आधार पर प्राथमिक शिक्षकों को पदोन्नत किया जाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed