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आपदा के बाद उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में आया बदलाव का दौर

Sat, 20 Feb 2016 11:31 AM IST
सुधाकर भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
सुधाकर भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 20 Feb 2016 11:31 AM IST
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uttarakhand economy grows after disaster.

आर्थिक विकास के अग्रिम अनुमानों से जाहिर है कि उत्तराखंड को अभी उद्योग और कृषि को और अधिक तवज्जो देने की जरूरत है।

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सेवा क्षेत्र ने इस समय प्रदेश की आर्थिक स्थिति को संभाला हुआ है। महंगाई के प्रभाव को नजरअंदाज कर दें तो प्रदेश का आर्थिक विकास 7.65 प्रतिशत है जो देश की आर्थिक विकास दर से अधिक तो है, लेकिन दहाई का आंकड़ा नहीं छू पा रहा है।

अर्थ एवं संख्या निदेशालय ने इस बार आधार वर्ष 2011-12 लिया है। प्रदेश के लिए यह वर्ष जून 2013 की केदारनाथ की आपदा से ठीक पहले का है। ऐसे में 2015-16 तक के अग्रिम अनुमान प्रदेश की वर्तमान सरकार की कोशिश की स्थिति को भी जता रहे हैं।
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आपदा से पहले के साल में कृषि, वानिकी और मत्स्य में विकास दर 1.92 प्रतिशत थी। 2015-16 में यह विकास दर 4.19 प्रतिशत आंकी गई है। जाहिर है कि इस पर प्रदेश सरकार खुद को शाबाशी दे सकती है। इसमें खनन को भी शामिल कर लिया जाए तो यह विकास दर 7.79 प्रतिशत बैठती है।
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प्रदेश सरकार के लिए चिंता का सबब उद्योग बने हुए हैं। राज्य के घरेलू उत्पाद में उद्योगों का हिस्सा करीब 39 प्रतिशत आंका गया था। औद्योगिक क्षेत्र में विकास दर 5.05 प्रतिशत है। आपदा से पहले यह विकास दर 9.76 प्रतिशत थी।

2014-15 में इस विकास दर में कमी आई। 2010 का विशेष औद्योगिक पैकेज समाप्त होने के बाद से उद्योगों को और अधिक तवज्जो देने की अपेक्षा भी सरकार से की जा रही है। ऐसे में जाहिर हो रहा है कि प्रदेश में उद्योगों के मामले में सरकार को खास सफलता नहीं मिल पा रही है।

प्रदेश में रेलवे, सड़क, भंडारण, संचार, व्यापार, होटल, लोक प्रशासन से संबंधित तीसरा क्षेत्र है जो महत्वपूर्ण बना हुआ है। राज्य के घरेलू उत्पाद में इसका हिस्सा करीब 50 प्रतिशत है। इसी सेक्टर में सबसे अधिक विकास दर भी है। यह विकास दर करीब 12.37 प्रतिशत आंकी गई है।


आपदा से पहले यह विकास दर करीब 6.29 प्रतिशत थी। जाहिर है कि प्रदेश में अब अर्थव्यवस्था का फोकस भी बदल रहा है। 2010 तक के विशेष औद्योगिक पैकेज के दौर में औद्योगिक क्षेत्र था जिसमें सबसे तेज विकास दर थी। अब यह विकास दर सेवा क्षेत्र में है। आपदा से पहले प्रदेश में विकास दर 7.42 प्रतिशत थी जो अब 7.65 प्रतिशत है।

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