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उत्तराखंड: कोरोना काल में डॉक्टरों की हुंकार, 23 सितंबर से ओपीडी का करेंगे बहिष्कार
Sun, 20 Sep 2020 08:30 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 20 Sep 2020 08:30 PM IST
सार
- आंदोलन का एलान, दो मांगों पर शासनादेश न होने से नाराज पीएमएचएस संघ
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
उत्तराखंड में पीजी डॉक्टरों को पूरा वेतन और एक दिन की वेतन कटौती बंद करने की मांग पर शासनादेश जारी न होने से नाराज प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ ने आंदोलन का एलान कर दिया है। 23 से 30 सितंबर तक डॉक्टर ओपीडी का बहिष्कार करेंगे। संघ का कहना है कि वार्ता में मुख्यमंत्री की ओर से मांगों पर सहमति जताते हुए कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद भी दो मुख्य मांगों का समाधान नहीं किया गया।
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रविवार को गांधी अस्पताल में प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ की बैठक में आंदोलन की रणनीति बनाई गई। संघ के महासचिव डॉ.मनोज वर्मा ने कहा कि तीन मांगों का समाधान हो गया है। जसपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी के साथ विधायक के अभद्र व्यवहार करने का मामला सुलझने, अस्पतालों में प्रशासनिक हस्तक्षेप रोकने का शासनादेश हो गया है।
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चिकित्सकों के खिलाफ होने वाली जांच के लिए गाइडलाइन बन रही है। लेकिन संघ की दो प्रमुख मांगों पर वादाखिलाफी की गई। पीजी डॉक्टरों को पूरा वेतन देने और वेतन कटौती न करने की मांग पर शासनादेश नहीं हुआ है। इससे डॉक्टरों में भारी रोष है।
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संघ ने निर्णय लिया कि 22 सितंबर तक मांगों पर उचित फैसला नहीं होता है तो 23 से 30 सितंबर तक प्रदेश भर में डॉक्टर ओपीडी का बहिष्कार करेंगे। बैठक में संघ के अध्यक्ष डॉ. नरेश नपलच्याल समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।