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उत्तराखंड: कांग्रेस में और बढ़ा विवाद, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की नाराजगी खुलकर आई सामने

Thu, 14 Jan 2021 11:36 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 14 Jan 2021 11:36 AM IST
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Uttarakhand: Dispute in Congress, former Chief Minister Harish Rawat displeasure came out clearly
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत - फोटो : फाइल फोटो

सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत की इनकार के बाद बुधवार को कांग्रेस में विवाद और बढ़ गया। रावत ने प्रदेश स्तर पर अपनी उपेक्षा के सारे मामले गिनाए और कहा कि पार्टी ने मुझे सामूहिकता के लायक नहीं समझा। 

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बुधवार को भी उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सामूहिक नेतृत्व में प्रदेश में चुनाव लड़ने के प्रति विरोध के रुख को जारी रखा। कुमाऊं दौरे पर पहुंचे हरीश रावत ने बुधवार को भी दो अलग-अलग ट्वीट किए और फेसबुक पर पोस्ट साझा की। दूसरे ट्वीट में रावत ने अपनी नाराजगी को भी खुलकर सामने रखा।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा, ‘कांग्रेस ने मुझे सामूहिकता के लायक नहीं समझा’। रावत के मुताबिक यह उसी दिन साफ हो गया था जिस दिन पार्टी के मंच से संगठन महामंत्री ने पार्टी के नेताओं की जय बुलवाई और नए बने राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत को मंच से जिंदाबाद बुलवाने लायक नहीं समझा गया। 
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प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा को सुझाव
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपनी इस पोस्ट में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का फिर जिक्र किया। रावत ने लिखा कि प्रदेश में जगह-जगह जन आंदोलन हो रहे हैं। कांग्रेस को उन जनसंघर्षों के साथ जोड़ने के लिए जरूरी है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश वहां पहुंचें और शामिल लोगों का मनोबल बढ़ाएं। 

युवा हाथों में बागडोर देने की जरूरत बताई
इस विवाद को एक कदम आगे बढ़ाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने लिखा कि हमें युवा हाथों में बागडोर देने के लिए उत्सुक होना चाहिए। पार्टी के भविष्य के लिए जेनरेशन चेंज को प्रोत्साहित करना पार्टी की सेवा है।

अपना मोड़ा साथ लेकर चलते हैं हरीश रावत
प्रदेश स्तर पर पार्टी में अपनी उपेक्षा को गिनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उनके लिए तो कई बार मंच पर भी स्थान नहीं रहता। उन्हें अपना मोड़ा साथ लेकर चलना पड़ता है। रावत ने लिखा कि पार्टी के आधिकारिक पोस्टरों में मेरा नाम और चेहरा स्थान नहीं पा पाया, लेकिन उन्होंने इस पर बात नहीं की। 

संगठन को लेकर भी उठाया सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने संगठन को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि संगठन में कुछ नामों की संस्तुति को लेकर भी एआइसीसी का दरवाजा खटखटाना पड़ा। उस समय सामूहिकता की बात क्यों नहीं की गई। 

कांग्रेस के राजभवन कूच में शामिल होने से इनकार
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने किसानों के आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस के 15 जनवरी को प्रस्तावित राजभवन कूच में शामिल होने से इनकार किया है। 
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत से संबद्ध पोस्ट में कहा है कि वे 15 जनवरी को सरयू के बगड़ में कुमाऊं के कुली बेगार आंदोलन के बलिदानी किसानों की याद में एक घंटे के उपवास पर बैठेंगे। इस तरह से वे किसानों के राष्ट्रव्यापी हल्ला बोल के साथ अपनी एकजुटता को जाहिर करेंगे। दूसरी ओर, कांग्रेस भवन में प्रस्तावित राजभवन कूच में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि राजभवन कूच में प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश सहित अन्य नेता, सांसद, विधायक, पूर्व विधायक आदि शामिल होंगे।

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पलायन रोकने के नाम पर गैरसैंण से ही न हो जाए पलायन : हरीश रावत

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोबिंद सिंह कुंजवाल व अन्य कांग्रेसियों ने पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष स्व. डा. अनसूया प्रसाद मैखुरी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि डॉ. मैखुरी का लक्ष्य वर्ष 2020 तक भराड़ीसैंण को सुविधा संपन्न बनाना था ताकि राज्य की राजधानी का कार्य यहीं से संचालित हो। एपी मैखुरी को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब राज्य के सभी राजनैतिक दल गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की दिशा में एकजुट हों। उन्होंने कहा कि पलायन रोकने के नाम पर गैरसैंण से ही पलायन न हो जाए।
 
हरीश रावत ने कहा कि कुछ लोग गैरसैंण में राजधानी बनने से पहले ही जमीनें हड़पने को तैयार हैं। कहीं ऐसा न हो कि पलायन रोकने के नाम पर गैरसैंण के स्थानीय लोगों का ही पलायन न हो जाए। इसके लिए गैरसैंण के लोगों को धैर्य रखना होगा और लगभग 20 वर्षों तक इसे बचा कर रखना होगा। उन्होंने गैरसैंण और कर्णप्रयाग के पार्टी पदाधिकारियों को क्षेत्र में साल में चार बार डॉ. एपी मैखुरी की स्मृति यात्राएं निकालने के निर्देश दिए।

पूर्व विधान सभा अध्यक्ष कुंजवाल ने कहा कि गैरसैंण राजधानी के लिए कार्य करने वाले व्यक्ति हरीश रावत ही हैं। इसके बाद दोनों नेताओं ने वीर चंद्रसिंह गढ़वाली की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान चमोली कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीरेंद्र रावत, केदारनाथ से विधायक मनोज रावत, पूर्व एमएलसी पृथ्वीपाल चौहान,  कर्णप्रयाग ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र सगोई, कमल रावत, गैरसैंण ब्लॉक अध्यक्ष के एस बिष्ट, अनीता नेगी, गोबिंदी देवी, हंसी देवी, मोहन पंत आदि मौजूद रहे।

जीते तो बनाएंगे स्थायी राजधानी
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि वर्ष 2022 के चुनावों में जीते तो सार्वभौम महिला पौष्टिक योजना चलाएंगे और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाएंगे। विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का कौन चेहरा होगा, इस पर उन्होंने कहा कि जो भी चेहरा आगे रखा जाएगा मैं भी उनके पीछे रहूंगा।

विधानसभा का मुख्य द्वार स्व. मैखुरी के नाम रखने की मांग
बुधवार को भराड़ीसैंण पहुंचे पूर्व सीएम हरीश रावत ने विधानसभा के मुख्य द्वार को डॉ. अनसूया प्रसाद मैखुरी के नाम पर रखने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब भी दुनियां यहां के विधानसभा भवन को देखेगी तो उन्हें डॉ. अनसूया प्रसाद मैखुरी याद आएंगे। भराड़ीसैंण में पूर्व सीएम हरीश रावत का भाषण सुनने के लिए गैरसैंण सहित चमोली जिले के विभिन्न कस्बों और गांवों से हजारों लोग भराड़ीसैंण पहुंचे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में जो भव्य विधानसभा भवन बना है वह कांग्रेस सरकार की देन है। इन्होंने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बना दी, लेकिन अभी तक धरातल पर उसके अनुरूप कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है।

नंदप्रयाग व घाट के लोगों के समर्थन में गैरसैंण में किया उपवास
हरीश रावत ने बुधवार को गैरसैंण में नंदप्रयाग-घाट के लोगों के सड़क चौड़ीकरण के आंदोलन को समर्थन देते हुए एक घंटे का उपवास किया। कहा कि नंदप्रयाग-घाट मार्ग के चौड़ीकरण को मैंने स्वीकृति किया था। इसके लिए बजट का प्राविधान भी कर दिया था, लेकिन भाजपा सरकार में इस सड़क का चौड़ीकरण कार्य लंबित पड़ा है। कहा कि भाजपा पहाड़ में सड़कों के लिए अपने मन से मानक बना रही है। पहाड़ों में यदि मानक कठिन किए जाएंगे तो एक भी सड़क का चौड़ीकरण नहीं हो पाएगा।

पूर्व सीएम हरीश रावत को दिया ज्ञापन
कालेश्वर के पूर्व प्रधान हरीश चौहान, कांग्रेस सेवादल के प्रदेश प्रवक्ता संजय रावत और प्रदेश सचिव मुकेश नेगी ने इंटरमीडिएट उत्तीर्ण कन्याओं को नंदा गौराधन योजना की धनराशि देने की मांग की। उन्होंने मांग को लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना के अंतर्गत प्रत्येक जॉब कार्डधारक परिवार को 200 दिनों का रोजगार देकर 500 रुपये मजदूरी देने, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीणों को आवास उपलब्ध कराने और चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों की चयन प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की मांग की। 

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