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जलप्रलय की बरसी पर उत्तराखंड हुआ गमगीन

Tue, 17 Jun 2014 10:42 AM IST
अमर उजाला, रामबाड़ा, केदारनाथ, हरिद्वार, गोपेश्वर
अमर उजाला, रामबाड़ा, केदारनाथ, हरिद्वार, गोपेश्वर Updated Tue, 17 Jun 2014 10:42 AM IST
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uttarakhand disaster victim tribute after one year

आपदा की पहली बरसी पर पूरा उत्तराखंड गमगीन रहा। ठीक एक साल पहले केदारघाटी में जलप्रलय का शिकार हुए लोगों को रामबाड़ा और केदारनाथ समेत प्रदेश भर में सोमवार को श्रद्धांजलि दी गई।

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रामबाड़ा में मारे गए लोगों की याद में स्मारक बनाया गया है। स्मारक पर बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्प अर्पित किए। यहां मृतकों की आत्मा की शांति के लिए पूजन किया गया। स्मारक के पास ही मृतकों की याद में पौधे भी लगाए गए।
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केदारनाथ मंदिर में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की तरफ से शांति पाठ किया गया। इस अवसर पर मंदिर के मुख्य पुजारी गंगाधर लिंग, समिति के अधिकारी उपस्थित थे।
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बदरीनाथ धाम में अलकनंदा तट पर आपदा में मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस दौरान गंगा आरती में देश-विदेश के तीर्थयात्री भी शामिल हुए।

हरकी पैड़ी पर श्रद्धाजंलि अर्पित

uttarakhand disaster victim tribute after one year

हरिद्वार में विश्व जन जागृति मिशन तथा गंगा मर्यादा रक्षक दल की ओर से आपदा के मृतकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।

सामूहिक नारायणी कर्म संपन्न कराया गया। प्रेतशिला पर आयोजित नारायणीकर्म में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल से करीब 110 ऐसे परिवार शामिल हुए, जिनके संबंधी केदारघाटी की आपदा का शिकार हुए थे। बाद में कुशावर्त घाट पर सभी मृतकों का सामूहिक श्राद्ध संपन्न कराकर हरकी पैड़ी पर श्रद्धाजंलि अर्पित की गई।

देहरादून स्थित सचिवालय में भी मृतकों को श्रद्घाजंलि दी गई। इस मौके पर वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश ने कहा कि हमें आपदा से सबक लेकर और मुस्तैद रहना होगा।

याद में स्मारक बनाया गया

uttarakhand disaster victim tribute after one year

जलप्रलय की बरसी पर प्रदेश सरकार ने रामबाड़ा में दिवंगत श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और कर्मचारियों की याद में स्मारक बनाया है। सोमवार को बड़ी संख्या में लोग यहां जमा हुए। पिछले साल 16 जून की जलप्रलय से केदारनाथ राजमार्ग पर स्थित रामबाड़ा बाजार का नामोनिशान मिट गया था।

कई लोग मलबे में दब गए थे, जबकि कई लोग मंदाकिनी नदी की बाढ़ में बह गए। केदारनाथ से लेकर गौरीकुंड तक सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी, हजारों लापता लोग आज तक नहीं मिले।

प्रदेश के कृषि मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, केदारनाथ एसटीएफ के मुखिया डीआईजी जीएस मार्तोलिया, डीआईजी गढ़वाल रेंज अमित सिन्हा, डीएम राघव लंगर और एसपी बीजे सिंह भी सोमवार को रामबाड़ा पहुंचे।

केदारधाम में 360 श्रद्धालुओं ने किए बाबा के दर्शन

uttarakhand disaster victim tribute after one year

आपदा की बरसी पर केदारधाम में 360 श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। बदरीनाथ धाम में सोमवार को 2432 तीर्थयात्रियों ने मत्था टेका। बीते वर्ष 16 जून को बदरीनाथ धाम में भारी बारिश हो रही थी।

इस बार धाम में मौसम सुहाना बना रहा। बीते वर्ष 16 जून को बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ से बैनाकुली तक तीन किमी बह जाने के पहले सिर्फ 251 तीर्थयात्री ही धाम पहुंच पाए थे।

हालांकि वहां पहले से हजारों यात्री मौजूद थे। रास्ता बह जाने के चलते ये सभी फंस गए थे। केदारनाथ में तो भारी तबाही मची ही थी। सिखों के प्रसिद्ध तीर्थ हेमकुंड में सोमवार को 986 तीर्थयात्री पहुंचे। पिछले साल 16 जून को भारी बारिश से हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा रोक दी गई थी।

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