Uttarakhand News: नवंबर में 12 लोगों की दुर्घटनाओं में गई जान, चार बार आया भूकंप, पढ़िए ये रिपोर्ट
राज्य में पूरे महीने आने वाली प्रमुख आपदाओं और दुर्घटनाओं का डॉक्यूमेंटेशन किया जा रहा है। यह रिपोर्ट राज्य में प्रमुख आपदा और दुर्घटना को एक स्थान पर संगृहीत करने का प्रयास कर रही है। जिससे र्घटना और आपदा से होने वाले नुकसान के न्यूनीकरण के लिए नीतियां बनाते समय भी इस रिपोर्ट का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
विस्तार
एसडीसी फाउंडेशन ने बीते नवंबर में राज्य की बड़ी दुर्घटना और आपदा की रिपोर्ट जारी की है। फाउंडेशन ने दुर्घटना से बचाव और आपदा में जोखिम को कम करने के उपाय भी सुझाए हैं। रिपोर्ट बताती है कि बीते माह राज्य में बड़ी सड़क दुर्घटनाओं में 12 लोगों की मौत हुई, जबकि अक्तूबर में चार प्रमुख आपदाओं और दुर्घटनाओं में कुल 74 लोगों की जान गई। नवंबर में आए भूकंप को भी प्रमुखता से दर्ज किया गया है।
इसके अनुसार छह नवंबर को राज्य के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किये गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 मैग्नीट्यूड थी और इसका केंद्र उत्तरकाशी से 17 किमी दूर उत्तर-पूर्व में था। नौ नवंबर को एक बार फिर राज्य में भूकंप का झटका महसूस किया गया। इस भूकंप की तीव्रता 4.3 मैग्नीट्यूट मापी गई।
भूकंप का केंद्र पिथौरागढ़ में था। 12 नवंबर को भूकंप का सबसे तेज झटका महसूस किया गया। इसकी तीव्रता 5.4 मैग्नीट्यूड थी और भूकंप का केंद्र नेपाल में था। फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल के अनुसार इस रिपोर्ट में राज्य में पूरे महीने आने वाली प्रमुख आपदाओं और दुर्घटनाओं का डॉक्यूमेंटेशन किया जा रहा है।
ताकि नुकसान को कम से कम किया जा सके
यह रिपोर्ट राज्य में प्रमुख आपदा और दुर्घटना को एक स्थान पर संगृहीत करने का प्रयास कर रही है। अनूप नौटियाल ने कहा कि दुर्घटना और आपदा से होने वाले नुकसान के न्यूनीकरण के लिए नीतियां बनाते समय भी इस रिपोर्ट का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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उन्होंने कहा कि सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग को आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, गैर सरकारी संगठनों और सामुदायिक स्तर के स्वयं सेवकों, सभी सरकारी कर्मचारियों, अग्निशमन सेवाओं और पुलिस कर्मियों जैसे अग्रिम पंक्ति के लोगों को आपदा व दुर्घटना के न्यूनीकरण के प्रयासों से जोड़ने की जरूरत है, ताकि इनसे होने वाले नुकसान को कम से कम किया जा सके।