विकास की कई इबारत लिखकर अलविदा कह गया 2018, 2019 में इन उम्मीदों पर जनता की नजरें
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वर्ष 2018 विकास की कई इबारत लिखकर सभी को अलविदा कह गया, लेकिन कई कार्य ऐसे हैं, जिनके पूरे होने की प्रतीक्षा में उत्तराखंड की जनता उम्मीदें लगाए बैठी है। यदि सरकार की योजनाएं और वादे धरातल पर उतरते हैं तो वर्ष 2019 लोगों के लिए नई सौगात लेकर आएगा और जनता को विकास के रूप में कई तोहफे मिलेंगे।
उत्तराखंड के लोगों को इस साल मिलेंगी ये सौगात
24 जनवरी को महिलाओं के लिए पैनिक बटन की लांचिंग होगी। 26 जनवरी से उत्तराखंड के सभी परिवारों को पांच लाख तक का निशुल्क इलाज मिलेगा।देहरादून से पंतनगर हवाई सेवा चार जनवरी से शुरू होगी। पंचायत चुनाव लड़ने को शिक्षा व दो बच्चों की शर्त लागू होगी।
हाईवे के हिचकोलों से मिलेगी मुक्ति
हरिद्वार-देहरादून, हरिद्वार-दिल्ली हाईवे का चौड़ीकरण का काम वर्ष 2009 से चल रहा है। सुस्त चाल और अनियमितताओं के कारण दस साल बाद भी हाईवे चौड़ीकरण का काम पूरा नहीं हो सका। हाईवे की बदहाली के कारण 15 सौ से अधिक लोग सड़क दुर्घटना में जान गंवा चुके हैं। मेले और पर्व के दौरान तो हरिद्वार पूरी तरह जाम हो जाता है। बरसात के दौरान तो लोगों के लिए समझाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क पर गड्ढे हैं या गड्डों में सड़क। विपक्षी पार्टियों और व्यापारियों ने कई बार धरना प्रदर्शन किया लेकिन काम जहां का तहां लटका रहा। नव वर्ष लोगों के हाईवे के लिए रूप में तोहफा लेकर आएगा और 2019 में हाईवे को पूरी तरह से तैयार कर लिया जाएगा।
राज्य का सबसे बड़ा घाट बनकर होगा तैयार
कुंभ क्षेत्र का विस्तार करते हुए चंडी घाट पुल के समीप नमामि गंगे योजना के अंतर्गत प्रदेश के सबसे लंबे गंगा घाट का निर्माण किया जा रहा है। घाट की लंबाई लगभग 6 सौ मीटर है। घाट पर लोगों के बैठने, बारिश से बचने के लिए शेल्टर, टहलने, शौचालय आदि सहित विभिन्न प्रकार की सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। जबकि आधुनिक सुविधाओं के युक्त श्मशान घाट बनाया जा रहा है। घाट का आधे से अधिक कार्य पूरा कर लिया गया है। घाट बनने से कुंभ की भीड़ को और व्यवस्थित किया जा सकेगा और प्रदेश का सबसे बड़ा गंगा घाट हरिद्वार को मिलेगा। उम्मीद जताई जा रही है हरकी पैड़ी की तर्ज पर ही इस घाट पर भी गंगा आरती भी होगी। यहां गंगा में स्नान कर श्रद्धालु सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर और मां चंडी देवी, गौरी शंकर और नीलेश्वर महादेव के दर्शन कर सकेंगे।
हरिद्वार में होंगे 52 शक्तिपीठों के दर्शन
सरकार ने हरिद्वार के कनखल स्थित नक्षत्र वाटिका में देवी के 52 शक्तिपीठ थीम पार्क बनाने की योजना बनाई है। पर्यटन विभाग ने 6.30 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेज दिया है। जबकि नक्षत्र वाटिका की भूमि की एनओसी वन विभाग से लेने की कवायद जारी है। यदि सभी की योजना के मुताबिक चला तो इसी वर्ष हरिद्वार में 52 शक्तिपीठ बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। जिला पर्यटन अधिकारी सीमा नौटियाल की मानें तो 52 शक्तिपीठ बनाने को लेकर विभाग काफी गंभीर है। मुख्यालय स्तर पर योजना का जल्द पूरा करने की कवायद जारी है। इस योजना को सिरे में उतारने की दिशा मे जिला पर्यटन अधिकारी सीमा नौटियाल ने जूना अखाड़े के संत शिवम पुरी त्रिकालदर्शी के साथ भी बैठक की थी। त्रिकालदर्शी ने सबसे पहले मुख्यमंत्री के सामने 52 शक्तिपीठ बनाने की योजना रखी थी। त्रिकालदर्शी ने बताया कि जो ले आउट शक्तिपीठ के लिए तैयार किया है वह काफी प्रभावपूर्ण है। 52 शक्तिपीठों का मंदिर काफी भव्य बनेगा।
बीते साल में सरकार ने राज्य का समग्र विकास किया है। आने वाले साल में भी कई योजनाओं को जमीन पर उतारा जाएगा। हाईवे के चौड़ीकरण समेत विकास की कई योजनाओं के लिए काम तेजी से चल रहा है। नया साल हरिद्वार समेत पूरे प्रदेश के लिए कई बड़े तोहफे लाएगा।
- मदन कौशिक, शहरी विकास मंत्री