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Dehradun: केएन गोविंदाचार्य बोले- देश में 4300 से अधिक नदियां हो गईं लुप्त, मानव जाति के लिए बताया घातक

Thu, 19 Oct 2023 12:37 PM IST
देहरादून ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Thu, 19 Oct 2023 12:37 PM IST
सार

दून विश्वविद्यालय में आयोजित उत्तराखंड विकास प्रदर्शनी में राष्ट्रीय विचारक केएन गोविंदाचार्य ने कहा कि देश में 15000 नदियां थीं, जिसमें लगभग 4 हजार 300 से अधिक नदियां लुप्त हो गई हैं। कहा कि हमारे वातावरण में दिन प्रतिदिन जलवायु परिवर्तन हो रहा है। यह मानव जाति के लिए ठीक नहीं है।

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National thinker KN Govindacharya said More than 4300 rivers have disappeared in the country Dehradun news
राष्ट्रीय विचारक केएन गोविंदाचार्य के साथ विधायक गणेश जोशी व अन्य। - फोटो : amar ujala

विस्तार

स्मृति विकास संस्थान की ओर से दून विश्वविद्यालय के कैंपस में उत्तराखंड विकास प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें उद्यमिता किसान सम्मेलन व सम्मान समारोह के दूसरे दिन कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि रहे। इस मौके पर मुख्य वक्ता केएन गोविंदाचार्य ने कहा कि हमारे वातावरण में दिन प्रतिदिन जलवायु परिवर्तन हो रहा है। यह मानव जाति के लिए ठीक नहीं है। बादल का फटना, भूस्खलन, बाढ़ आना आदि विषयों पर चिंतन जरूरी है।
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उत्तराखंड विकास प्रदर्शनी और किसान उद्यमिता सम्मेलन का उद्घाटन मंत्री गणेश जोशी, राष्ट्रीय विचारक केएन गोविंदाचार्य, विशिष्ट अतिथि सुनील अग्रवाल, संरक्षक विशंभर नाथ बजाज ने किया। अध्यक्षता भुवन विक्रम डबराल व संचालन ललित जोशी ने किया। मुख्य वक्ता केएन गोविंदाचार्य ने कहा कि देश में 15000 नदियां थीं, जिसमें लगभग 4 हजार 300 से अधिक नदियां लुप्त हो गई हैं।
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विभिन्न मोटे अनाजों को किया जा प्रमोट
भारत में 2.4% जमीन पर भी जल, जीवन, जंगल की स्थिति भी ठीक नहीं है। न्यूयॉर्क में एक रिवर्स क्लॉक लगाई गई है, जो रिवर्स में घूम रही है। 2030 में वह शून्य हो जाएगी, यह एक विचारणीय विषय है। सिक्किम में जो बाढ़ आई, राजनीतिक आधार पर उसने किसी को बख्शा नहीं है।

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जोशी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार क्षेत्रीय उत्पादों पर जोर दे रही है। ग्रामीणों को मंडवे के उत्पादन में प्रोत्साहन किया जा रहा है। वर्तमान में गढ़वाल के उत्पादों की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। उत्तराखंड के विभिन्न मोटे अनाजों को प्रमोट किया जा रहा है।


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उत्तराखंड विकास प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए। कार्यक्रम में विभिन्न किसानों को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए किसान उद्यमिता सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में दून विवि की वाइस चांसलर प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल, डॉ. सुनील अग्रवाल, प्रवीण ममगाई, प्रवीण पुरोहित, डॉ. नरेश मिश्रा, डॉ. दिव्य नेगी, डॉ. भावना डोभाल तथा विभिन्न विद्यालयों की छात्र-छात्राओं व अनेक किसानों ने भाग लिया।

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