Uttarakhand Lockdown: लॉकडाउन में सड़क पर आने को लोग कर रहे बना रहे तरह-तरह के बहाने
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सर! अंकल की तबीयत खराब है, उन्हें अस्पताल ले जाना है। मजबूरी है, जल्दी जाना है। पुलिसकर्मी ने उसकी बात को गंभीर समझा। 108 एंबुलेंस भेजने के बात कहकर अंकल का नंबर और घर का पता पूछ लिया। पुलिसकर्मी का ये जवाब सुनकर एक बार को युवक सकपका गया। सवाल और जवाब के फेर में वह ऐसा फंसा कि उसके झूठ की पोल खुलने में देर नहीं लगी।
पुलिस उस पर कार्रवाई करना चाहती थी, लेकिन उसके करियर को देखते हुए उसे वापस लौटा दिया गया। ये बानगी है लॉकडाउन में घर से बाहर आने को बनाए जा रहे बहानों की।
अमर उजाला की टीम ने राजधानी के कई बैरियर पर पुलिसकर्मियो के साथ खड़े होकर वाहन चालकों के सड़क पर आने की वजह सुनीं। अधिकांश लोगों के बाहर आने का आधार मेडिकल था। कुछ दवा का पर्चा तो कुछ दवा के खाली पैकेट लेकर लेकर आए थे। ऐसे लोगों को आगे जाने की इजाजत दी जा रही है।
नहीं पता था पुलिस पर्चे पर डेट देख लेगी
आईएसबीटी पर पुलिस ने स्कूटी से जा रहे एक युवक को रोक लिया। घर से बाहर निकलने का कारण पूछा तो उसने जेब से निकालाकर मेडिकल का पर्चा दिखाया। पुलिसकर्मी ने हाथ में लेकर डेट पर नजर डाली तो उस पर नवंबर की डेट थी। पुलिस सख्त हुई तो उसने गलती मान ली।
मेडिकल जांच के बाद ही एंट्री
अमर उजाला टीम यूपी बार्डर से पहले स्थित आशारोड़ी चैकपोस्ट पर पहुंची तो क्लेमेंटटाउन थाना प्रभारी नरोत्तम बिष्ट मेडिकल टीम के साथ वाहनों की चेकिंग में जुटे थे। यहां सहारनपुर से पास लेकर आने वाले लोगों को जांच के बाद ही एंट्री दी जा रही थी। बिना पास के आने वाले वाहनों को वापस किया जा रहा था। हालांकि वो भी आने के पीछे मेडिकल को ही आधार बता रहे थे।
वाहन चालकों को दे रहे भोजन-पानी
पुलिस में खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाले वाहन चालकों को भोजन और पानी उपलब्ध करा रही है। पुलिस का कहना है कि शहर में होटल और ढाबे बंद होने के कारण वाहन चालकों को दिक्कत हो रही है। ऐसे में उन्हें बॉर्डर पर भोजन और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
आम जनमानस को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन को कुछ लोग, खासतौर से युवा वर्ग हलके में ले रहा है। वह न केवल सड़क पर रोकने पर झूठे बहाने से पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहे, बल्कि अपने जीवन से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। इनकी वजह सही मायनों में पीड़ित लोगों को भी दिक्कतें हो रही हैं।
- श्वेता चौबे, एसपी सिटी