Coronavirus Lockdown: लोगों को गुमराह करने वाला गिरफ्तार, प्रदेश से बाहर 237 जमातियों की टोह में लगी पुलिस
- डीजी ने महाराष्ट्र, तेलगाना, राजस्थान और यूपी के डीजीपी को लिखा पत्र
- जमातियों की व्यक्तिगत जानकारी देकर पूछा कि ये जमाती क्वारंटीन हैं या फिर लापता
- मैसेज भेजकर लोगों को सरकार के आदेशों की अवहेलना करने को कर रहा था प्रेरित
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देहरादून के रायपुर पुलिस ने कोरोना वायरस को लेकर मजहबी आधार पर लोगों को गुमराह करने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। एसपी सिटी स्वेता चौबे ने बताया कि लॉक डाउन का सख्ती से पालन कराने के साथ शरारती तत्वों पर नजर रखी जा रही है। कांस्टेबल संतोष ने बीट रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि वह कांस्टेबल प्रकाश पुरोहित के साथ कोरोना वायरस की रोकथाम और बचाव को गश्त पर थे।
उस समय जानकारी मिली कि सलीम निवासी जैन प्लाट वाणी विहार कोरोना वायरस को लेकर जारी केन्द्र सरकार के आदेशों की अवहेलना कर रहा है। साथ ही अपने समुदाय के लोगो को मैसेज कर अन्य समुदाय के खिलाफ अपराध करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रहा है। मैसेज कर आरोपी लोगों को कह रहा है कि उनके समुदाय के लोगो को जानबूझ कर कोरोना पॉजिटिव दिखाया जा रहा हैं। इसी आधार पर आरोपी सलीम के खिलाफ विभन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया।
प्रदेश से बाहर हैं 237 जमातियों की टोह में लगी पुलिस
कोरोना संकमण को लेकर कई सौ जमातियों और उनके संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन करने के बाद भी मुश्किल कम नहीं हुई है। चौंकाने वाली बात ये है कि सूबे के 237 के करीब जमाती अभी भी देश के दूसरे हिस्सों में हैं। इसी कड़ी में डीजी अशोक कुमार ने कई राज्यों के डीजीपी को पत्र लिखकर जमातियों का स्टेट्स जानना चाहा। यानी ये जमाती क्वारंटीन में हैं या फिर लापता हैं।
निजामुद्दीन मरकज में कोरोना वायरस का संकमण पाए जाने के बाद से पुलिस और खुफिया तंत्र की निगाह जमातियों और उनसे संपर्क में आए लोगों पर टिकी हैं। अब तक प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव के 31 मामले सामने आ चुके हैं। उनमें सबसे ज्यादा संख्या जमातियों की है। संकमण रोकने को पुलिस और स्वास्थ्य विभाग जी जान से जुटा है। प्रदेश से जमात में गए 237 लोगों के उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलांगना और राजस्थान आदि राज्यों में होने की जानकारी मिली है। इसी लिहाज से पुलिस महा निदेशक अपराध अशोक कुमार ने इन राज्यों को डीजीपी को पत्र लिखा है।
उन्होंने बताया कि पत्र में हर जमाती की व्यक्तिगत जानकारी उपलब्ध कराई गई है, ताकि उनका पता लगाया जा सके। ये भी हो सकता हैं कि जमाती अन्य राज्यों में तो क्वारंटीन नहीं है।तमाम राज्यों से जानकारी मिलने के बाद साफ हो जाएगा कि कितने जमाती फरार हैं।