Corona Vaccination: उत्तराखंड में पहले दिन सफल रहा टीकाकरण, 2276 हेल्थ वर्करों को दी गई खुराक
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कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए उत्तराखंड में शनिवार को टीकाकरण का आगाज सफल रहा। पहले दिन प्रदेश के सभी 34 बूथों पर निर्धारित लक्ष्य 3178 के सापेक्ष 72 प्रतिशत हेल्थ वर्करों को वैक्सीन की खुराक दी गई। कुल 2276 हेल्थ वर्करों को वैक्सीन लगाई गई। जबकि 28 प्रतिशत हेल्थ वर्कर वैक्सीन लगाने नहीं पहुंचे।
वहीं रुड़की सिविल अस्पताल में 46 वर्षीय महिला सफाई कर्मी को टीका लगने के बाद सांस लेने में आ रही परेशानी के चलते जांच के लिए एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। महिला दिल की रोगी है।
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शनिवार को प्रदेश के 13 जिलों में 34 बूथों से कोविड टीकाकरण का शुभारंभ किया गया। इसमें 31 सरकारी अस्पताल, एम्स ऋषिकेश समेत हिमालयन अस्पताल और श्री महंत इन्दिरेश हास्पिटल में पहले दिन हेल्थ वर्करों को वैक्सीन की डोज दी गई।
सुबह आठ बजे से टीकाकरण पर्यवेक्षकों ने बूथों पर मोर्चा संभाल लिया था। जिला स्तर पर कोल्ड चेन प्वाइंट से वैक्सीन को बूथों पर पहुंचाया गया। दून मेडिकल कालेज से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश में कोविड टीकाकरण का शुभारंभ किया। केंद्र सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार सभी बूथों पर सुबह साढ़े दस बजे टीकाकरण शुरू किया गया और शाम पांच बजे हेल्थ वर्करों को टीके लगाए गए।
राज्य नोडल अधिकारी व मिशन निदेशक एनएचएम सोनिका ने बताया कि प्रदेश के 34 बूथों पर टीकाकरण अभियान शुरू किया गया। जिसमें 3178 हेल्थ वर्करों के सापेक्ष 2276 टीके लगाए गए। शाम पांच बजे तक प्रदेश भर में 72 प्रतिशत टीकाकरण किया गया। उन्होंने बताया कि कोविन पोर्टल से पंजीकृत हेल्थ वर्करों को भेजे गए संदेश के अनुसार हेल्थ वर्करों को टीका लगाया गया।
पहले चरण में 50 प्रतिशत हेल्थ वर्करों को लगेगी वैक्सीन
पहले चरण में प्रदेश के 87588 हेल्थ वर्करों को कोविड वैक्सीन लगाई जानी है। लेकिन केंद्र से सिरम इंस्टीटट्यूट की 1.13 लाख कोविशील्ड वैक्सीन मिली है। एक हेल्थ वर्कर को वैक्सीन की दो खुराक दी जानी है। इसके आधार पर 50 हजार हेल्थ वर्करों को वैक्सीन लगाई जाएगी। जिन हेल्थ वर्करों को वैक्सीन की पहली खुराक दी गई है। उन्हें 28 दिन के भीतर दूसरी डोज देनी अनिवार्य है।
वैक्सीन की दूसरी डोज लगने के 14 दिन बाद बनने लगी एंटी बॉडी
कोविड वैक्सीन लगते ही शरीर में एंटीबॉडी बनने नहीं लगेगी। बल्कि एंटीबॉडी को बनने में लगभग 42 दिन का समय लगेगा। 28 दिन के भीतर दूसरी डोज लगने के 14 दिन बाद एंटीबॉडी बनने लगेगी। तब तक वैक्सीन लगाने वाले व्यक्ति को भी कोविड के नियमों का पालन करना जरूरी होगा।
सप्ताह में चार दिन ही लगेगी कोविड वैक्सीन
केंद्र की ओर से जारी दिशानिर्देशों के अनुसार उत्तराखंड में सप्ताह में चार दिन ही टीकाकरण किया जाएगा। इसमें सोमवार, मंगलवार, गुरुवार व शुक्रवार का दिन तय किया गया है। 17 जनवरी को रविवार होने से किसी भी बूथ पर टीकाकरण नहीं किया जाएगा।
कुमाऊं में 969 स्वास्थ्य कर्मियों को लगा टीका
देशभर में शनिवार से शुरू हुए टीकाकरण महाभियान में कुमाऊं के के 15 केंद्रों में 1478 लोगों के सापेक्ष 969 लोगों को पहले चरण में टीका लगाया गया। ऊधमसिंह नगर में चार केंद्रों में 400 में से 265 स्वास्थ्यकर्मियों को पहले दिन टीका लगाया गया। इनमें खटीमा में 80, काशीपुर में 76, बाजपुर में 59 और रुद्रपुर में 50 लोगों को टीका लगाया गया।
अल्मोड़ा जिले में 200 में से 143 लोगों को टीका लगाया गया। अल्मोड़ा बेस अस्पताल में 72, जबकि हवालबाग सीएचसी में 71 लोगों को टीके लगाए गए। बागेश्वर जिले में 200 में से 110 लोगों को टीके लगाए गए। यहां जिला अस्पताल में 60 और सीएमओ कार्यालय में 50 लोगों को टीके लगाए गए।
चंपावत में 200 में से 159 लोगों को टीके लगाए गए। यहां टनकपुर में 80 और चंपावत में 76 लोगों को टीके लगाए गए। पिथौरागढ़ जिले में 113 लोगों को टीके लगाए गए। पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में 85 के सापेक्ष 63 और महिला चिकित्सालय में 93 के सापेक्ष 50 लोगों को टीके लगाए गए।
नैनीताल जिले में 300 लोगों में 179 स्वास्थ्य कर्मियों ने टीका लगवाया। बीडी पांडे अस्पताल में 66, राजकीय मेडिकल कालेज में 73 और महिला अस्पताल में 40 स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना टीका लगवाया।
पहले दिन टीकाकरण के लिए चिन्हित 28 प्रतिशत ने गंवाया मौका
उत्तराखंड में कोविड टीकाकरण का पहला चरण सफल रहा, लेकिन पहले दिन टीकाकरण के लिए चिन्हित 28 प्रतिशत हेल्थ वर्करों ने वैक्सीन लगाने का मौका गंवा दिया। इन हेल्थ वर्करों के वैक्सीन न लगाने की वजह अवकाश पर होने के साथ ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप या अन्य किसी बीमारी से ग्रसित होने का कारण बताया जा रहा है। वैक्सीन लगाने के लिए अब इनका नंबर कब आएगा। यह तय नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रदेश में कोविड टीकाकरण की शुरुआत 13 जिलों के 34 केंद्रों पर सफल रही। वैक्सीन लगाने से किसी भी हेल्थ वर्कर में बड़ा प्रभाव देखने को नहीं मिला है। विभाग ने पहले दिन के लिए प्रदेश भर में 3183 हेल्थ वर्करों को टीकाकरण के लिए चिन्हित किया था। कोविन पोर्टल पंजीकृत इन हेल्थ वर्करों को मोबाइल नंबर से टीका लगाने का दिन व बूथ का मैसेज भेजा गया है।
इसके बावजूद भी पहले दिन 28 प्रतिशत हेल्थ वर्कर वैक्सीन लगाने नहीं पहुंचे। जिलों से मिली रिपोर्ट के आधार पर 10 से 13 प्रतिशत तक हेल्थ वर्कर अवकाश पर होने के कारण टीका लगाने नहीं आए। वहीं, अन्य में मधुमेह, उच्च रक्तचाप या अन्य बीमारी से ग्रसित होने के कारण साथ मानसिक रूप से वैक्सीन लगाने तैयार न होना भी एक वजह रही है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. सरोज नैथानी का कहना है कि पहले दिन 902 हेल्थ वर्कर अवकाश के साथ किसी बीमारी से ग्रसित होने या मानसिक रूप से तैयार न होने के कारण टीकाकरण के लिए नहीं पहुंच पाए हैं। इन हेल्थ वर्करों का टीकाकरण के लिए दोबारा नंबर कब आएगा। यह तय नहीं है। केंद्र की ओर से कोविन पोर्टल पर पंजीकृत हेल्थ वर्करों को वैक्सीन लगाने के लिए चयन किया जाता है।
प्रदेश में पहले दिन में जिला वार कोविड टीकाकरण का ब्योरा
जिला - लक्ष्य - वैक्सीन लगाने वाले - प्रतिशत
अल्मोड़ा - 200 - 143 - 72
बागेश्वर - 159 - 110 - 69
चमोली - 131 - 110 - 84
चंपावत - 200 - 159 - 80
देहरादून - 509 - 353 - 69
हरिद्वार - 335 - 250 - 75
नैनीताल - 300 - 179 - 60
पौड़ी - 200 - 159 - 80
पिथौरागढ़ - 178 - 113 - 63
रुद्रप्रयाग - 170 - 135 - 79
टिहरी - 200 - 146 - 73
ऊधमसिंह नगर - 400 - 265 - 66
उत्तरकाशी - 200 - 154 - 77
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कुल- 3182 - 2276 - 72
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नोट- स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में पहले दिन कोविड टीकाकरण के आंकड़े