{"_id":"6960037d4efc21d9970782ea","slug":"uttarakhand-congress-to-launch-statewide-agitation-against-changes-made-to-mnrega-scheme-starting-10-january-2026-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand: मनरेगा में किए बदलाव के विरोध में कांग्रेस चलाएगी प्रदेशव्यापी आंदोलन, 10 जनवरी से होगी शुरूआत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand: मनरेगा में किए बदलाव के विरोध में कांग्रेस चलाएगी प्रदेशव्यापी आंदोलन, 10 जनवरी से होगी शुरूआत
Fri, 09 Jan 2026 12:54 AM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 09 Jan 2026 12:54 AM IST
सार
उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा की अध्यक्षता में राजनीतिक मामले समिति की बैठक में मनरेगा में किए गए बदलाव के विरोध में प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया।
विज्ञापन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह विकसित भारत जी राम जी ग्रामीण अधिनियम लागू करने के विरोध में कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाएगी। इसकी शुरुआत 10 जनवरी से की जाएगी।
विज्ञापन
राजपुर रोड स्थित एक होटल में उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा की अध्यक्षता में राजनीतिक मामले समिति की बैठक में मनरेगा में किए गए बदलाव के विरोध में प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। सैलजा ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने पूरे देश में मनरेगा योजना में किए गए बदलाव का विरोध करने का फैसला लिया है।
विज्ञापन
प्रत्येक राज्य में योजनाबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा। उत्तराखंड में 10 जनवरी को जिलास्तर पर प्रेसवार्ता कर मनरेगा की जगह वीबी जी राम जी अधिनियम की हकीकत को सामने लाया जाएगा। 11 जनवरी को जिलास्तर पर महात्मा गांधी या डाॅ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष अनशन किया जाएगा। 29 जनवरी को पंचायत स्तर पर चौपाल की जाएगी। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पत्र भी पंचायत प्रतिनिधियों को दिए जाएंगे। 30 जनवरी को वार्ड स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। 31 जनवरी से छह फरवरी तक प्रत्येक जिला मुख्यालय में मनरेगा बचाओ धरना होगा। सात से 15 फरवरी के बीच विधानसभा का घेराव करेंगे।
विज्ञापन
अंकिता भंडारी केस: बढ़ी सरगर्मी...हरिद्वार पहुंची उर्मिला सनावर, पूछताछ के लिए एसओजी ऑफिस ले जाया गया
कांग्रेस प्रभारी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार मनरेगा की आत्मा को खत्म करना चाहती है। मनरेगा एक मांग आधारित रोजगार का अधिकार था, जिसमें सरकार काम देने के लिए बाध्य थी। नया कानून इसे एक आपूर्ति आधारित योजना बनाता है। काम की उपलब्धता केंद्र सरकार के बजट और मापदंडों पर निर्भर करेगी। नया अधिनियम के प्रावधानों से रोजगार के अधिकार खत्म हो जाएंगे। साथ ही राज्यों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।