फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand cogress: party big leader came on one stage

उत्तराखंड कांग्रेस : प्रीतम की कप्तानी, हरीश का मार्गदर्शन, इंदिरा व किशोर की निगेहबानी का फार्मूला निकाला

Wed, 08 Jul 2020 12:48 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 08 Jul 2020 12:48 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand cogress: party big leader came on one stage
प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह

प्रदेश प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह की नसीहत और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की चिट्ठी का सबब ही रहा कि मंगलवार को कांग्रेस के चार ध्रुव एक साथ दिखाई दिए। इसी से उत्साहित कांग्रेस ने सत्ताधारी दल और सरकार को ललकारा और कई प्रस्ताव पारित किए।

विज्ञापन


राजपुर रोड स्थित कांग्रेस भवन में प्रदेश उपाध्यक्षों के साथ करीब पांच घंटे चली मैराथन बैठक में कांग्रेस ने आंदोलनों की आगे की रणनीति पर बात की। लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के साथ कांग्रेस के पूर्व सीएम हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने मंच साझा किया।
विज्ञापन


कांग्रेस ने राहुल गांधी से फिर से अध्यक्ष पद संभालने का आग्रह किया और प्रदेश सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार दिया। प्रदेश उपाध्यक्षों ने भी साफ कहा कि चारों नेताओं के बीच दूरी खत्म होने से कांग्रेस मजबूत हुई है। बैठक का संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये प्रस्ताव हुए पारित

- राहुल गांधी से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद फिर से संभालने का आग्रह।
- पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस आदि के बढ़े हुए दाम वापस लिए जाएं, ऐसा न होने पर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ आंदेेलन तेज किया जाएगा।
- कोरोना काल में व्यापक स्तर पर जन सेवा के लिए कांग्रेस का आभार।
- बंद पड़ी लोहारी नागपाला परियोजना पर तुंरत काम शुरू किया जाए, अन्य बंद जल विद्युत परियोजनाओं को भी शुरू किया जाए 

क्या बोले नेता

सरकार पिंजरे में कैद है और आम लोगों की परेशानी सुनने वाला कोई नहीं है। सरकार को पुनर्वास और रोजगार के मामले में ठोस फैसला कर प्रवासियों की मदद करनी चाहिए। कच्चे तेल की कीमत कम होने के बाद भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए जा रहे हैं। भाजपा के खिलाफ आंदोलन को कांग्रेसी गांव-गांव गली-गली पहुंचाएं।
- प्रीतम सिंह, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष 

पार्टी एकजुट है और प्रीतम सिंह की कप्तानी में जन विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज किया जाएगा। आपसी मतभेद को मिल बैठकर सुलझाया जाएगा। मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन पार्टी को मिलता रहेगा। 
- हरीश रावत, पूर्व सीएम और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव

लोग प्रदेश सरकार से परेशान हो चुके हैं और कांग्रेस को वापस लाना चाहते हैं। प्रदेश में अफसरशाही हावी है, बेरोजगारी बढ़ रही है, विकास कार्य ठप हैं। ऐसे में लोग कांग्रेस के आंदोलन को सराह रहे हैं।
- इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष

कांग्रेस के लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता पुरजोर विरोध के लिए तैयार रहें। मैं एक अनुशासित सिपाही की तरह पार्टी के संघर्ष में शामिल रहूंगा।
- किशोर उपाध्याय, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष

बैठक में ये रहे मौजूद

बैठक में शामिल प्रदेश उपाध्यक्षों में गणेश गोदियाल, रणजीत सिंह रावत, डॉ.महेंद्र पाल सिंह, विजयपाल सजवाण, विक्रम सिंह नेगी, रामयश सिंह, जोत सिंह बिष्ट, आर्येंद्र शर्मा, हेेमंत बगड़वाल, सरोजनी कैंत्यूरा, सरदार नरेंद्रजीत सिंह बिन्द्रा, नारायण पाल सहित कुल 22 उपाध्यक्षों में से 15 उपाध्यक्ष शामिल हुए।

प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि वे अस्वस्थ होने के कारण नहीं आ सके। सूर्यकांत धस्माना के मुताबिक पीसीसी को सभी उपाध्यक्षों ने न आने की स्पष्ट वजह बता दी थी। बुधवार को अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह कांग्रेस के महामंत्रियों से बात करेंगे। इसके बाद बृहस्पतिवार को प्रीतम सिंह पार्टी के फ्रंटल संगठनों आदि से बात करेंगे। फिर कांग्रेस की ओर से आंदोलन और संगठनात्मक मजबूती के लिए कार्यक्रम घोषित किए जा सकते हैं।

चारों नेताओं ने आधे घंटे अलग से की बात

प्रदेश उपाध्यक्षों की बैठक में शामिल होने के लिए प्रीतम सिंह, हरीश रावत, इंदिरा हृदयेश और किशोर उपाध्याय ने करीब आधे घंटे अलग से बैठ कर भी आपस में बातचीत की। पार्टी सूत्रों के मुताबिक बैठक में पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि कप्तानी प्रीतम सिंह के ही पास है और पार्टी का पूरा सहयोग किया जाएगा।


यह तय किया गया कि प्रदेश में कांग्रेस की एकरूपता ही सामने आए और पार्टी एकजुट दिखाई दे। बैठक में यह भी बात हुई कि मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर अभी कोई बात न की जाए। इस मामले को समय आने पर देखा जाए। खास बात यह है कि बैठक में नेताओं ने आपस के गिले शिकवों को बहुत अधिक तवज्जो नहीं दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed