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मुख्यमंत्री ही सुलझाएंगे सहकारिता विवाद को
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 19 Feb 2016 12:31 PM IST
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निबंधक संपर्क कार्यालय को दून से अल्मोड़ा शिफ्ट करने के मामले में अब जिला सहकारी बैंकों के चेयरमैन मुख्यमंत्री हरीश रावत के दर पर दस्तक देने की तैयारी में हैं।
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गुरुवार को दून में हुई जिला सहकारी बैंकों के चेयरमैनों की बैठक में यह फैसला लिया गया। सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि पूर्व में गतिरोध दूर न होने पर 20 फरवरी से संस्थाओं में तालाबंदी का एलान कर चुके हैं।
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बुधवार को सहकारिता मंत्री यशपाल आर्य ने साफ-साफ कहा था कि संपर्क कार्यालय के नाम पर राजनीति हो रही है। आर्य का कहना था कि उपनिबंधक कार्यालय पौड़ी में स्थापित किया जा सकता है और इस मामले में मुख्यमंत्री से बात करेंगे।
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गुरुवार को दून में जिला सहकारी बैंकों के करीब छह चेयरमैनों की बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलने का फैसला किया गया। जिला सहकारी बैंक टिहरी के चेयरमैन रजनीकांत सुरीरा के मुताबिक मुख्यमंत्री के सामने अपना पक्ष रखा जाएगा।
सहकारी प्रतिनिधियों को पौड़ी में भी कार्यालय मंजूर नहीं है। खुद पौड़ी जिले के सहकारी बैंक अध्यक्ष इसके विरोध में हैं।
बैंकों के चेयरमैन फिलहाल 20 फरवरी से तालाबंदी का मन बना चुके हैं। दूसरी तरफ, अपनी ही सरकार के खिलाफ मोरचा खोलने में ये हिचकिचा भी रहे हैं।
ऐसे में शुक्रवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैंक चेयरमैनों को उम्मीद है कि इस मामले में मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से गतिरोध टूट सकेगा।