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किसानों को बिजली न दी तो ऊर्जा निगम पर गिरेगी गाज

Tue, 19 Jan 2016 01:18 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 19 Jan 2016 01:18 PM IST
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uttarakhand cm took farmer favor in electricity shortage in farming.

बुवाई के समय किसानों को बिजली न मिलने का खामियाजा अब ऊर्जा निगम को भुगतना होगा। उत्तराखंड सरकार इस मामले में कानून बनाने जा रही है।

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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को कांग्रेस भवन में आयोजित किसान कांग्रेस की कार्यकारिणी की पहली बैठक में इस योजना का खुलासा भी किया। मुख्यमंत्री ने बिजली का सरचार्ज माफ करने और गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान करने के लिए योजना बनाने का संकेत दिया। चुनावी मोड में आए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पर्वतीय खेती को पुनर्जीवित करने का रोड मैप भी सामने रखा।
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किसान कांग्रेस के सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंह नगर में इस समय करीब 22 घंटे बिजली दी जा रही है। अब प्रदेश सरकार स्पष्ट कानून बनाने जा रही है। इस कानून के तहत बुवाई के दौरान किसानों को अगर बिजली नहीं मिलती तो इसकी भरपाई ऊर्जा निगम को करनी होगी।
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व्यवस्था यह की जा रही है कि किसानों को नुकसान का मुआवजा भी ऊर्जा निगम ही भुगते। ऊर्जा निगम ही यह मुआवजा किसानों को देगा। ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, नैनीताल आदि के किसानों की मांग पर मुख्यमंत्री ने बिजली बकाया, सरचार्ज और सरचार्ज पर ब्याज माफ करने के लिए योजना बनाने का आश्वासन दिया।

पर्वतीय जिलों में खेती में आ रही लगातार गिरावट पर चिंता

uttarakhand cm took farmer favor in electricity shortage in farming.

मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना बकाया भुगतान और बिजली बकाया को लेकर सरकार कोई न कोई पैकेज लेकर जरूर आएगी। किसान आयोग के गठन की मांग भी मुख्यमंत्री से की गई थी। इस पर मुख्यमंत्री ने कोई व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।

पर्वतीय खेती को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार के स्तर से तैयार किए गए रोड मैप का खुलासा भी मुख्यमंत्री ने किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक गंगी, घेस और मुन्स्यारी में बर्फ में हर्बीकल्चर का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। लेमन ग्रास और अन्य सगंध पादपों से इत्र बनाने का काम बड़े पैमाने पर शुरू किया जा रहा है।

2018 तक इसके परिणाम सामने आ जाएंगे। पर्वतीय क्षेत्रों की परंपरागत फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। जल्द ही इसके भी परिणाम सामने आएंगे। कृषि मंत्री हरक सिंह ने पर्वतीय जिलों में खेती में आ रही लगातार गिरावट पर चिंता जताई।

हरक के मुताबिक उत्तराखंड की जैविक चाय का क्षेत्र लगातार बढ़ाया जा रहा है। रेशम उत्पादन में उत्तराखंड अब हिमाचल से आगे है। मशरूम और सब्जी-फल के उत्पादन से पर्वतीय जिलों में किसानों की आय बढ़ाने की योजना बनाई गई है।

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