हरक केस में CM ऑफिस का पलटवार, महिला पर दर्ज कराया मुकदमा
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पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत को क्लीन चिट देकर इस मामले के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय को आरोपित करने वाली महिला को कानूनी तरीके से जवाब दिया गया है। महिला के आरोपों पर दो दिन की चुप्पी के बाद शुक्रवार को सीएम के निजी सचिव ने देहरादून की शहर कोतवाली में महिला और अन्य के खिलाफ बदनाम करने की नीयत से आपराधिक साजिश रचने का मुकदमा दर्ज कराया है। निजी सचिव का कहना है कि महिला यह बताए कि सीएम के किस निजी सचिव से उसकी कब और किस नंबर पर बात हुई?
महिला ने दिल्ली के सफदरजंग थाने में पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के खिलाफ दुराचार का मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन, दो दिन बाद महिला आरोप से मुकर गई। हरक को अच्छा इंसान बताते हुए इस पूरी साजिश का ठीकरा उसने मुख्यमंत्री कार्यालय पर फोड़ा था। महिला का आरोप था कि फोन पर हुई बातचीत में मुख्यमंत्री कार्यालय से उसे हरक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को कहा गया था। महिला के इन आरोपों के बाद हरक सिंह और भाजपा संगठन मुख्यमंत्री हरीश रावत की घेराबंदी में लग गया था।
सीएम ऑफिस को बदनाम करने का आरोप
कानूनी राय मशविरा करने के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री के निजी सचिव कमल सिंह रावत ने शहर कोतवाली में महिला और अन्य के खिलाफ धारा 385, 193 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। कमल सिंह रावत का आरोप है कि महिला ने किसी के इशारे पर मुख्यमंत्री कार्यालय को बदनाम करने की साजिश रची है।
महिला यह बताए कि सीएम के तीन निजी सचिवों में से किससे उसकी कब बात हुई? रावत ने बताया कि मुकदमा दर्ज कराने के पीछे किसी को आरोपित करना मकसद नहीं है, लेकिन सच सामने आना चाहिए। बयानों में सीएम का नाम लेना सही नहीं है। न तो सीएम की महिला से मुलाकात हुई और न ही कोई बात।
पुलिस ने आपराधिक साजिश और मिथ्या दुष्प्रचार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।