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लंबे इंतजार के बाद PM मोदी ने इस कांग्रेसी CM को दिए 'दर्शन'

Thu, 15 Oct 2015 04:23 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून-नई दिल्ली
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून-नई दिल्ली Updated Thu, 15 Oct 2015 04:23 PM IST
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uttarakhand cm meet with pm narendra modi.

लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दर्शन दे दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पीएम से राज्य के लिए विशेष पैकेज की मांग की है।

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लंबे इंतजार के बाद प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात पर रावत ने प्रदेश के विकास में आ रही दिक्कतों की विस्तार से चर्चा की और मोदी को लंबा मांग पत्र भी सौंपा। उन्होंने प्रधानमंत्री को केदारनाथ और बदरीनाथ की यात्रा के लिए न्योता भी दिया जिसे मोदी ने स्वीकार कर लिया है।
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मुलाकात के बाद रावत ने कहा कि पीएम से बातचीत सकारात्मक रही है। मोदी नवंबर में केदारनाथ के कपाट बंद होने से पहले वहां की यात्रा कर सकते हैं। उत्तराखंड में स्वच्छ भारत मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों पर मोदी ने संतोष जताया है।
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मुलाकात में ग्रीन बोनस, विशेष राज्य के दर्जे के तहत सुविधाएं और नीति आयोग द्वारा नई व्यवस्था से राज्य को होने वाले नुकसान पर विस्तार से चर्चा की गई। रावत ने राज्यों के लिए बजट में रखे गए 20 हजार करोड़ के स्पेशल विंडो में से 4 हजार करोड़ रुपये उत्तराखंड के लिए रिजर्व करने की मांग की। साथ ही विशेष सहायता मद में 1062 करोड़ भी इसी विंडो से मंजूर किए जाएं।

पीएम मोदी के सामने ये मांग भी रखीं

uttarakhand cm meet with pm narendra modi.

मुख्यमंत्री रावत ने पीएमजीएसवाई के तहत आवंटन राशि 288 करोड़ से बढ़ाकर 550 करोड़ रुपए करने पर जोर दिया। उन्होंने केदारनाथ हादसे के बाद पुनर्निर्माण के लिए 1200 करोड़ रुपए जल्द जारी करने की जरूरत पर बल दिया। गैर वानिकी कार्यों के लिए वन भूमि के हस्तांतरण की अवधि दिसंबर 2016 तक बढाने की भी मांग की गई।

उन्होंने कहा कि फंडिंग की नई व्यवस्था में उत्तराखंड को 1485 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों से अन्य राज्यों में प्रति व्यक्ति लाभ 13362 रुपए हो रहा है जबकि उत्तराखंड में यह सिर्फ 1292 रुपए है। उन्होंने केंद्रीय योजनाओं में पूर्व की तरह 90 प्रतिशत अनुदान की व्यवस्था को कायम रखने की गुहार लगाई।

उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई में उत्तराखंड ने 748 बस्तियों के लिए 809 करोड़ 84 लाख रुपए की 121 डीपीआर भेजा था लेकिन केंद्र ने इसे लौटा दिया है। उन्होंने अल्मोड़ा, रुद्रपुर और देहरादून में मेडिकल कॉलेज की मांग की।

साथ ही हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के लिए 207 करोड़ और कैंसर इंस्टीट्यूट के लिए 120 करोड़ के प्रस्ताव की मंजूरी पर भी जोर दिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पचास फीसदी की कटौती पर एतराज जताया और विश्व बैंक की पूर्व में स्वीकृत योजना को शुरू करने के लिए पीएम से दखल की मांग की। उन्होंने 330 मेगावाट की लखवाड़ और 660 मेगावाट की किसाउ जल विद्युत योजना को मंजूरी देने की भी मांग की।

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