Uttarakhand: बोले सीएम धामी, नीति निर्माण में राज्य की अस्थायी आबादी को विशेष महत्व देने की जरूरत
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, उत्तराखंड जैसे पर्वतीय, तीर्थाटन, पर्यटन प्रधान राज्य के लिए नीति निर्माण में अस्थायी आबादी (फ्लोटिंग पॉपुलेशन) को भी विशेष महत्व देने की आवश्यकता है। प्रदेश की स्थायी आबादी की तुलना में प्रतिवर्ष सात से आठ गुना अधिक लोग उत्तराखंड आते हैं। जिससे स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, परिवहन व अन्य बुनियादी सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसलिए योजनाओं के निर्माण व संसाधनों के आवंटन में इस तथ्य का समुचित समावेश जरूरी है।
बुधवार को सीएम आवास में मुख्यमंत्री धामी से नीति आयोग के सदस्य प्रो. डॉ. एम. श्रीनिवास के नेतृत्व में आयोग की टीम ने भेंट कर उत्तराखंड के समग्र और सतत विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, जनसांख्यिकीय चुनौतियों व विकास की संभावनाओं के अनुरूप प्रभावी एवं दूरदर्शी नीति निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के विकास में नीति आयोग का सदैव सकारात्मक सहयोग मिला है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी राज्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नीति आयोग का मार्गदर्शन व सहयोग मिलता रहेगा। इस मौके पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव नरेंद्र भंडारी, डॉ. संदीप तिवारी, सेतु के एसीईओ मनोज पंत, सलाहकार एवं कार्यक्रम निदेशक नीति आयोग डॉ. सोनिया पंत, उप सचिव नीति आयोग दीपक कुमार, विशेष कार्याधिकारी नीति आयोग डॉ. शोभित कुमार मौजूद थे।
चिकित्सा शिक्षा को बढ़ाने पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ जनजागरूकता और स्वास्थ्य शिक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सीएम ने महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास को राज्य की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि इस दिशा में निरंतर और परिणामोन्मुख प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने बच्चों को कुपोषण से मुक्त बनाने व महिलाओं में एनीमिया की समस्या के प्रभावी समाधान के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार कर उसे धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।
वर्षा जल संरक्षण के लिए प्रभावी योजना पर हो काम
सीएम ने कहा, राज्य में कृषि, बागवानी, पर्यटन, जल संसाधन, जैव विविधता, कौशल विकास के साथ अन्य संभावनाओं वाले क्षेत्रों में विषय विशेषज्ञों के साथ नीति आयोग के सहयोग से नियमित विचार-विमर्श आयोजित किए जाएं। इससे राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवहारिक व नवाचार आधारित नीतियां तैयार करने में सहायता मिलेगी। वर्षा जल संरक्षण के लिए प्रभावी और दीर्घकालिक योजनाओं पर विशेष रूप से कार्य किया जाना चाहिए। प्रदेश के लोगों की आजीविका के संसाधनों में वृद्धि, स्थानीय रोजगार सृजन व सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बेहतर नीति निर्धारण की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार और नीति आयोग के बीच समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड के सर्वांगीण व संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।