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उत्तराखंड: अचानक CM पहुंचे आपातकालीन परिचालन केंद्र और तीन महीने का अलर्ट जारी किया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 02 Jun 2018 06:46 PM IST
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Trivendra Singh Rawat Watching Disaster affected Area
- फोटो : amar ujala
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मौसम के बिगडे़ मिजाज के बाद बनी स्थिति का हाल जानने के लिए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत शनिवार को अचानक आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंच गए।
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उन्होंने वहां से एक-एक जिले की स्थिति अफसरों से पूछी और जरूरी निर्देश दिए। इस मौके पर उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि तीन महीने खास सतर्कता बरतें। आपदा की सूचना पर तुरंत रिस्पांस करें। साथ ही जिले के आपदा कंट्रोल रूम का लगातार निरीक्षण करते रहें।
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सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत शनिवार की सुबह अचानक सचिवालय स्थित आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंच गए। उन्होंने शुक्रवार को प्रदेश में हुई अतिवृष्टि और आंधी-तूफान से हुए नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने राज्य आपदा परिचालन केंद्र में ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों को निर्देश दिए कि वे समय समय पर जिलों से आपदा की जानकारी लें।
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सभी जिलों में जान-माल के नुकसान की जानकारी ली
rain in uttarakhand
आपदा से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी होने पर उसे तत्काल उच्चाधिकारियों को दें। उन्होंने राज्य आपदा परिचालन केंद्र से सभी जिलों में जान-माल के नुकसान की भी जानकारी ली।
सीएम ने कहा कि अगले तीन माह वर्षाकाल के दौरान विशेष सतर्कता की जरूरत है। उन्होंने जिलाधिकारियों से ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए भी कहा।
उन्होंने ये भी निर्देश दिए कि आपदा को देखते हुए जनप्रतिनिधियों से निरंतर संपर्क स्थापित किया जाए। सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों के फोन नंबर की लिस्ट अपडेट रखी जाए। ताकि किसी भी प्रकार की घटना होने पर शीघ्र संपर्क किया जा सके।
सीएम ने कहा कि अगले तीन माह वर्षाकाल के दौरान विशेष सतर्कता की जरूरत है। उन्होंने जिलाधिकारियों से ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए भी कहा।
उन्होंने ये भी निर्देश दिए कि आपदा को देखते हुए जनप्रतिनिधियों से निरंतर संपर्क स्थापित किया जाए। सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों के फोन नंबर की लिस्ट अपडेट रखी जाए। ताकि किसी भी प्रकार की घटना होने पर शीघ्र संपर्क किया जा सके।
राज्य में कहीं नहीं फटा बादल, स्थिति सामान्य
rain in uttarakhand
शुक्रवार को कुछ जगह बादल फटने की खबरों को सरकार ने गलत बताया है। सरकार ने साफ किया है कि शुक्रवार को प्रदेश के किसी भी हिस्से में बादल नहीं फटा है। कई जगहों पर अतिवृष्टि और आंधी-तूफान की सूचना जरूर है। मगर जान-माल का बहुत बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। एक बच्ची की जरूर बहने से मौत हो गई है। बाकी स्थिति सामान्य है।
शुक्रवार को अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के बाद पूरे प्रदेश में जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया था। प्रारंभिक खबरों में कुछ जगह बादल फटने की खबरें आ रही थीं। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार देर शाम सभी डीएम से फोन पर आपदा की जानकारी ली। शनिवार सुबह आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर उन्होंने फिर से सभी डीएम से बात की।
इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सभी डीएम को एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तरकाशी जनपद के बड़कोट तहसील के गंगटाड़ी में एक बच्ची की बहने से मौत हुई है, जबकि पौड़ी जनपद के चाकीसैंण तहसील के बुमोच में अतिवृष्टि से चार पशुओं की हानि हुई है। प्रदेश में बादल फटने की कोई घटना नहीं हुई है। जहां दिक्कतें पैदा हुई हैं, वहां पर सरकारी मशीनरी तुरंत मोर्चे पर डट गई और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को बहाल किया गया है।
शुक्रवार को अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के बाद पूरे प्रदेश में जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया था। प्रारंभिक खबरों में कुछ जगह बादल फटने की खबरें आ रही थीं। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार देर शाम सभी डीएम से फोन पर आपदा की जानकारी ली। शनिवार सुबह आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर उन्होंने फिर से सभी डीएम से बात की।
इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सभी डीएम को एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तरकाशी जनपद के बड़कोट तहसील के गंगटाड़ी में एक बच्ची की बहने से मौत हुई है, जबकि पौड़ी जनपद के चाकीसैंण तहसील के बुमोच में अतिवृष्टि से चार पशुओं की हानि हुई है। प्रदेश में बादल फटने की कोई घटना नहीं हुई है। जहां दिक्कतें पैदा हुई हैं, वहां पर सरकारी मशीनरी तुरंत मोर्चे पर डट गई और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को बहाल किया गया है।
शुक्रवार को यहां सबसे ज्यादा बारिश(मि.मी.में)
rain in uttarakhand
ऊखीमठ-----------44
रुद्रप्रयाग-----------35.5
देहरादून----------- 40
हल्द्वानी------------40
उत्तरकाशी----------28
चाकीसैंण-पौड़ी------28
बड़कोट-----------26
भटवाड़ी, मोरी-------25
रुद्रप्रयाग-----------35.5
देहरादून----------- 40
हल्द्वानी------------40
उत्तरकाशी----------28
चाकीसैंण-पौड़ी------28
बड़कोट-----------26
भटवाड़ी, मोरी-------25