मालवाहक चिनूक हेलीकॉप्टर ने दो शटल में केदारनाथ धाम पहुंचाई भारी मशीनें
- शुक्रवार को भी भारी मशीनों के पार्ट्स पहुंचाए जाएंगे केदारनाथ धाम
- नवंबर पहले सप्ताह में मशीनें की जाएंगी एसेंबल
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भारतीय सेना के मालवाहक चिनूक हेलीकॉप्टर ने गौचर हवाई पट्टी से केदारनाथ धाम छह टन भारी मशीनें पहुंचाई। इस दौरान जेसीबी, डंपर व अन्य मशीनों के पार्ट्स हेलीकॉप्टर से धाम भेजे गए, जिन्हें मजदूरों ने हेलीकॉप्टर से उतारा। नवंबर पहले सप्ताह में कंपनियों के कारीगरों द्वारा केदारनाथ पहुंचकर इन पार्ट्स को एसेंबल किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को सुबह 7 बजे चिनूक हेलीकॉप्टर ने तीन टन मशीनों के पार्ट्स भरकर केदारनाथ के लिए टेक ऑफ किया। इसके बाद हेलीकॉप्टर लगभग नौ बजे पुन: गौचर पहुंचा और साढ़े दस बजे धाम के लिए दूसरी बार उड़ान भरी।
हेलीकॉप्टर का संचालन विंग कमांडर सिद्धार्थ रावत के नेतृत्व में दस सदस्यीय दल कर रहा है। डीडीएमए-लोनिवि के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि चिनूक द्वारा अभी तक 12 टन भारी मशीनों के पार्ट्स केदारनाथ पहुंचा दिए गए हैं।
यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवा संचालन के कारण चिनूक द्वारा सिर्फ दो शटल की जा रही हैं। इस दौरान एमआई-26 हेलीपैड को खाली रखा जा रहा है। शुक्रवार को भी भारतीय सेना का मालवाहक हेलीकॉप्टर गौचर से मशीनों को लेकर धाम पहुंचाएगा।
अब सुबह छह बजे खुलेगा केदारनाथ मंदिर
डीएम वंदना सिंह ने बताया कि भारी मशीनरी के केदारनाथ पहुंचने के बाद संबंधित कंपनियों के कारीगर द्वारा एक सप्ताह में उन्हें एसेंबल किया जाएगा। हरसंभव प्रयास होगा कि 15 नवंबर से दूसरे चरण के निर्माण कार्य शुरू हो जाए।
ठंड बढ़ने के कारण केदारनाथ मंदिर सुबह छह बजे खोला जा रहा है। बृहस्पतिवार को कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह छह बजे से श्रद्धालु मंदिर में जुटने शुरू हो गए थे। बोर्ड के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी ने बताया कि दिन चढ़ने के साथ धाम में भक्तों की भीड़ बढ़ने से मंदिर मार्ग पर लंबी लाइन लग गई। सुबह छह बजे से तीन बजे तक कुल 3570 भक्तों ने बाबा केदार के दर्शन किए हैं।