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Uttarakhand: पुलों की सुरक्षा के लिए अब बनेगी एसओपी और गाइडलाइन, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
Wed, 06 Mar 2024 11:14 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 06 Mar 2024 11:14 PM IST
सार
प्रदेश में 97 पुल असुरक्षित श्रेणी में थे। इनमें से 18 पुल असुरक्षित श्रेणी से बाहर हो चुके हैं। अब 49 असुरक्षित पुलों पर मरम्मत का कार्य प्रगति पर है।
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मुख्य सचिव राधा रतूड़ी
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विस्तार
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रदेश में पुलों की सुरक्षा के लिए लोनिवि, वन एवं सिंचाई विभाग को स्पष्ट एसओपी और गाइडलाइन बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, एसओपी बनाकर इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
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बैठक में उन्होंने बताया गया कि प्रदेश में 97 पुल असुरक्षित श्रेणी में थे। इनमें से 18 पुल असुरक्षित श्रेणी से बाहर हो चुके हैं। अब 49 असुरक्षित पुलों पर मरम्मत का कार्य प्रगति पर है। मुख्य सचिव ने पुलों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा निर्माण कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
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उन्होंने सभी संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों को पुलों के निर्माण एवं देखरेख का निरंतर पर्यवेक्षण करने को कहा। उन्होंने प्रतिबंधित क्षेत्रों में खनन रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिबंधित क्षेत्रों में खनन गतिविधियों की जन शिकायत के लिए हेल्पलाइन का तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में सिंचाई विभाग को नदी पर स्थित ब्रिज की सुरक्षा को अपस्ट्रीम व डाउनस्ट्रीम में रिवर ट्रेनिंग व बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए हाइड्रोलोजिकल पैरामीटर्स के आधार पर डिजाइन बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को एकीकृत सोच के साथ कार्य करने का सुझाव दिया। बैठक में सचिव लोनिवि डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव विनीत कुमार सहित वन, खनन एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।