चमोली आपदा: ऋषिगंगा पर बनी झील से जल निकासी और जांच के लिए दो टीमें गठित
- मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश, हर स्तर पर पड़ताल की है कोशिश
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चमोली जिले में जोशीमठ के पास नीति घाटी में ऋषि गंगा पर बनी झील का मुआयना करने और जल निकासी का प्रबंध करने के लिए सरकार ने वाडिया से लेकर अन्य विशेषज्ञ संस्थाओं का सहयोग लिया है। वैज्ञानिकों, आपदा प्रबंधन अधिकारियों, सेना आदि को लेकर दो अलग-अलग टीम गठित कर दी गई हैं। शुक्रवार को ये टीमें झील के लिए रवाना होंगी।
अभी तक के आकलन के आधार पर माना जा रहा है कि झील तात्कालिक रूप से खतरनाक नहीं है, लेकिन 400 मीटर लंबी और 60 मीटर गहरी बताई जा रही यह झील मानसून में खतरनाक साबित हो सकती है।
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बुधवार को मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने झील की जांच और जल निकासी के लिए टीम बनाकर रिपोर्ट मांगी थी। बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव ने टीम में वाडिया, जीएसआई, सुदूर संवेदी संस्थान आदि के वैज्ञानिकों को शामिल कर दो अलग-अलग टीमें गठित करने का आदेश जारी कर दिया।
नियंत्रित रूप से जल निकासी का काम करेगा यह दल
1. आईटीबीपी प्रथम बटालियन के कमांडेंट बेनुुधर नायक
2. आईटीबीपी प्रथम बटालियन के सेंकेंड इन कमांड एके डबराल
3. एसडीआरएफ के निरीक्षक राजेंद्र परवाल
4. उप निरीक्षक मनोज रावत
5. निम उत्तरकाशी के प्रशिक्षक जेएस रावत
खतरे का आकलन व परामर्श के लिए बनाया यह दल
1. डॉ.एमपीएस बिष्ट, निदेशक अंतरिक्ष उपयोग केंद्र
2. डॉ.मनोज कायस्थ, निदेशक, भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई)
3. डॉ.भूपेंद्र सिंह, जीएसआई
4. पवन कुमार, वरिष्ठ भू वैज्ञानिक, जीएसआई
5. राकेश मिश्रा, वरिष्ठ भू वैज्ञानिक, जीएसआई
6. मनीष मेहता, वैज्ञानिक, वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान
7. डॉ.अमित कुमार, वैज्ञानिक, वाडिया
8. निदेशक डीआरडीओ, नामित
9. सुशील खंडूरी, भू वैज्ञानिक, यूएसडीएमए
समन्वय की कमान दो महिला अधिकारियों को
चमोली आपदा में महिला अधिकारियों के बेहतरीन काम को देखते हुए इन टीमों और राज्य सरकार व प्रभावित पक्षों के बीच समन्वय के लिए शासन ने दो महिला अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। आईटीबीपी की उप महानिरीक्षक अर्पणा कुमार और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिद्धिम अग्रवाल को दायित्व दिया गया है।
मुआयना करने बृहस्पतिवार को नहीं जा सकी टीम
झील का मुआयना करने के लिए गठित टीम बृहस्पतिवार को मौके पर नहीं जा सकी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, झील क्षेत्र में हेलीपैड तैयार न होने की वजह से टीम रवाना नहीं हो सकी। आईटीबीपी हेलीपैड तैयार कर रहा है। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने बुधवार को विदेश सचिव की वीडियो कांफ्रेंसिंग में झील का अध्ययन का करने के लिए बृहस्पतिवार को एक टीम भेजने की जानकारी दी थी। अब आज शुक्रवार को नई टीमें रवाना होंगी।