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चमोली जैसी आपदा से निपटने पर गहन मंथन होगा, कई संस्थानों के वैज्ञानिकों की दो टीमें गठित

Wed, 17 Feb 2021 10:06 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 17 Feb 2021 10:06 AM IST
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uttarakhand chamoli news : study for dealing with disaster like Chamoli, two teams of scientists formed
चमोली आपदा - फोटो : अमर उजाला

पिछले दिनों चमोली में नीती घाटी में आई आपदा पर वाडिया इंस्टीट्यूट समेत कई संस्थानों के वैज्ञानिकों की संयुक्त टीमें मंथन करेंगी। इसके बाद इस तरह की आपदा से निपटने के लिए जरूरी कवायद की जाएगी।

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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने देश के तमाम संस्थानों के वैज्ञानिकों के साथ बैठक कर आपदा से जुड़े तमाम पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने वैज्ञानिकों की दो संयुक्त टीमें गठित की हैं। ये टीमें 60 दिनों में रिपोर्ट सौंपेंगी।
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वैज्ञानिकों की टीमें ऐसी आपदाओं से निपटने को लेकर भी सुझाव देंगी। एनडीएमए की ओर से आयोजित ऑनलाइन बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि उत्तराखंड सरकार इन टीमों को वैज्ञानिक शोधों के लिए जरूरी सुविधाएं मुहैया कराएगी।

बैठक में वाडिया इंस्टीट्यूट आफ हिमालयन जियोलॉजी के निदेशक डॉ कालाचांद साईं व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसके राय के अलावा राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की, आईआईटी रुड़की, एनजीआरई, केंद्रीय जल आयोग, नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन इसरो समेत दर्जन भर संस्थानों के वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया। 

बता दें कि पिछले दिनों चमोली के नीती घाटी में आई आपदा में भारी जनहानि हुई थी। साथ ही ऋषि गंगा और धौली गंगा नदियों पर बने हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी तहस-नहस हो गए थे। इससे करोड़ों का नुकसान हुआ है। आपदा के बाद केंद्र और राज्य सरकार की तमाम एजेंसियां लगातार राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।

तपोवन में आखिरी दम तक जारी रहेगा अभियान : डीजीपी

डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि चमोली के तपोवन में लगातार राहत और बचाव कार्य जारी रहेगा। आखिरी दम तक हम वहां जुटे रहेंगे। रैणी में मलबा तीन चार दिन में क्लियर कर लेंगे। उन्होंने कहा कि अभी तक 58 शव मिल चुके हैं। 

मंगलवार को कुंभ मेला कार्यों की व्यवस्थाओं को देखने के लिए उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार हरिद्वार पहुंचे। उन्होंने कहा कि तपोवन में राहत, बचाव व सर्च अभियान लगातार जारी रहेंगे। इसके लिए एसडीआरएफ, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और सेना के जवान जुटे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि सोनोग्राफी प्रणाली से भी हम लगातार शवों की तलाश कर रहे हैं। जब तक हमारी टीम सभी को नहीं ढूंढ लेती, अभियान लगातार जारी रहेगा। इसके साथ ही टनल के अंदर भी युद्धस्तर पर मलबा निकाला जा रहा है। आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाकर लापता लोगों की तलाश करवाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि बार-बार मिट्टी गिरने से राहत व बचाव कार्य में परेशानी आ रही है, लेकिन इन सबके बावजूद भी हमें अपने जवानों पर भरोसा है। डीजीपी ने कहा कि टनल में फंसे लोगों को निकालने के लिए रस्सियों का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 58 शव बरामद हो चुके हैं।

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