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चमोली जल प्रलय: अब तक 71 शव हो चुके बरामद, आपदा प्रभावितों से मिलीं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती

Fri, 26 Feb 2021 09:22 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ(चमोली)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ(चमोली) Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 26 Feb 2021 09:22 PM IST
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Uttarakhand Chamoli 20th Day News : Dead Body Search Operation and Debris Removing from tapovan tunnel Continues
चमोली में सुरंग से शवों को ले जाते जवान - फोटो : अमर उजाला

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चमोली आपदा के 20वें दिन भी रैणी और तपोवन क्षेत्र में मलबा हटाने और लोगों की खोज का अभियान जारी रहा। आज एक शव कालेश्वर के पास मिला है। आपदा के बाद से अब तक 71 शव और 30 मानव अंग बरामद हो चुके हैं। इनमें 40 शवों और एक मानव अंग की शिनाख्त की जा चुकी है।  जिनकी शिनाख्त नहीं हुई है, उनके डीएनए सैंपल सुरक्षित रखे गए हैं।

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सुरंग से लगातार निकल रहा पानी
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ तपोवन और रैणी क्षेत्र में खोज अभियान में जुटी हुई है। एनटीपीसी से मिली जानकारी के अनुसार टनल के एसएफटी प्वाइंट के मुहाने तक मलबा हटा लिया गया है। यहां से टनल नीचे की तरफ है, लेकिन पानी का रिसाव बहुत अधिक होने से आगे बढ़ना फिलहाल संभव नहीं हो पा रहा है। यहां पर तीन पंपों से पानी बाहर निकाला जा रहा था। अब एक और पंप लगाकर पानी बाहर फेंका जा रहा है। जब तक पानी का रिसाव कम नहीं होता तब तक आगे बढ़ना खतरनाक है। आगे टनल नीचे की तरफ है, जिससे यदि पानी तेज हुआ तो बचाव कर्मियों के लिए खतरा हो सकता है। फिलहाल पानी कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

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रैणी की धरती पर आपदा देख दुखी है मन: उमा भारती
पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने शुक्रवार को आपदा प्रभावित क्षेत्र रैणी और तपोवन गांव पहुंचकर प्रभावित लोगों से मुलाकात की। रैणी में उमा भारती ने कहा कि जिस धरती से पर्यावरण को बचाने के लिए मुहिम शुरू की गई है वहां पर आपदा आने पर मन दुखी होता है। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि वह प्रदेश और केंद्र सरकार से बात कर उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास करेंगी। 


उमा भारती ने बैली ब्रिज के बारे में बीआरओ से जानकारी ली। रैणी में गौरा देवी स्मृति स्थल पहुंचकर उन्हें पुष्प अर्पित किए। साथ ही ग्रामीणों से आपदा के संबंध में बात की। उमा भारती ने कहा कि गौरा देवी की धरती पर इस विनाशकारी आपदा से दुखी हूं। इसके बाद उन्होंने तपोवन पहुंचकर लोगों से बात की और उनकी समस्याओं के बारे में जाना। एनटीपीसी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों और अधिकारियों से भी बात कर सर्च अभियान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जल्द से जल्द लापता लोगों को तलाशने की बात कही।

रैणी में बैली ब्रिज का गार्डर जोड़ने का काम शुरू
चीन सीमा को जोड़ने वाले मलारी हाईवे पर बना पुल ऋषिगंगा की आपदा में बह गया था, जिससे करीब 12 गांवों के साथ ही सीमा पर तैनात सेना और आईटीबीपी के जवानों की आवाजाही बाधित हो गई थी। आवाजाही सुचारु करने के लिए बीआरओ ने यहां पर बैली ब्रिज बनाने का काम शुरू कर दिया था। अब यहां पर गार्डर जोड़ने का काम शुरू हो गया है, जिसके बाद पुल जल्द तैयार हो जाएगा। आपदा के कुछ दिन बाद ही बीआरओ ने यहां पर बैली ब्रिज बनाने का काम शुरू किया था, लेकिन दोनों तरफ की सपोर्ट दीवार बनाने में समय लग गया। अब बीआरओ ने यहां पर गार्डर जोड़ने का काम शुरू कर दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी महीने में ही पुल बनकर तैयार हो जाएगा। 

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