चकराता हादसा: मृतकों के परिजनों को देहरादून जिला प्रशासन देगा एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद
Uttarakhand Chakrata Accident: मृतक 13 लोगों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये और घायलों को 40,000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
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देहरादून के चकराता में रविवार को बुल्हाड़-बयला मार्ग पर हुए हादसे में मृतकों के परिजनों को जिला प्रशासन ने आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि मृतक 13 लोगों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये और घायलों को 40,000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
Uttarakhand | District administration has given Rs 1 lakh each to the families of 13 people who died in a road accident on Bulhad-Byla road in Chakrata tehsil yesterday. Rs 40,000 were given to the injured: Dr R Rajesh Kumar, Dehradun DM pic.twitter.com/lJumsiwFIs
— ANI (@ANI) November 1, 2021विज्ञापन
सीएम राहत कोष से 50-50 हजार देने की घोषणा
दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की थी। दुर्घटना में घायलों के परिजनों को उन्होंने 25-25 हजार रुपये देने की घोषणा की। यह राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से दी जाएगी।
राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ने जताया दुख, मदद का एलान
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की बात कही है। वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
इनकी हुई मौत
मातबर सिंह (48) पुत्र स्व.भगत सिंह निवासी बायला, रेखा चौहान (30) पत्नी मातबर सिंह निवासी बायला, कुमारी तानिया (11) पुत्री मातबर सिंह निवासी बायला, ईशा चौहान (18) पुत्री गजेन्द्र सिंह निवासी बायला, काजल (15) पुत्री जगतू सिंह निवासी बायला, जयपाल सिंह (40) पुत्र भाऊ सिंह निवासी बायला, साधु राम (60) पुत्र गुलाब सिंह निवासी बायला, अजंली (13) पुत्री जयपाल सिंह निवासी बायला, दान सिंह (60) पुत्र रत्तू सिंह निवासी बायला, रतन सिंह (50) पुत्र रति राम निवासी बायला, नरेन्द्र सिंह (35) पुत्र भाऊ सिंह निवासी बायला, जीतू राम (34) पुत्र फेतिया निवासी मलेथा, हरि राम (52) पुत्र देवी राम निवासी खड़का सिरमौर हिमाचल प्रदेश।
ये हुए घायल
ऋतिक (6) पुत्र इन्द्र सिंह निवासी बायला और गजेन्द्र तोमर (29) पुत्र दल सिंह निवासी पिथुवा चकराता।
बायला हादसे के बाद टूटी परिवहन विभाग की नींद
विकासनगर क्षेत्र के चकराता-त्यूनी मार्ग पर रविवार को सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत और मासूम समेत दो लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना के बाद परिवहन विभाग की कुंभकरणी नींद टूटी है। परिवहन मुख्यालय ने एआरटीओ विकासनगर से क्षेत्र में संचालित बसों का ब्योरा मांगा है। साथ ही इस रूट पर संचालित वाहनों के परमिट का भी ब्योरा तलब किया है।
एआरटीओ रत्नाकर सिंह की रिपोर्ट के अनुसार राज्य परिवहन प्राधिकरण की ओर से क्षेत्र में 43 वाहनों का परमिट जारी किया गया है। इसमें 32 बसों का संचालन हो रहा है। इन 32 बसों में से प्रतिदिन सिर्फ 16 बसों का ही संचालन किया जा रहा है। जो देहरादून से मोरी-सीकरी, देहरादून-पुरोला, देहरादून-जानकी चट्टी, देहरादून-बड़कोट और देहरादून-तीमली मार्ग पर संचालित हो रही हैं। प्रतिदिन आठ बसें पुरोला बड़कोट जानकीचट्टी जाती है। इतनी ही बसें विकासनगर होते हुए देहरादून आती हैं। बाकी 16 बसें दूसरे दिन संचालित होती हैं। ऐसे में प्रतिदिन सिर्फ 16 बसों का ही संचालन किया जा रहा है। 11 ऐसी बसें हैं जिनको क्षेत्रीय लोगों की शिकायत पर अनफिट मानते हुए उनके संचालन पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि आरटीओ प्रवर्तन संदीप सैनी ने बताया कि फिटनेस जांच में अन्य 11 बसें भी फिट मिली हैं।
डग्गामार वाहन संचालकों के विरोध से संचालित नहीं हो पा रहीं बसें
परिवहन विभाग के अधिकारियों की ही मानें तो विकासनगर से पुरोला, जानकीचट्टी, बड़कोट समेत अन्य इलाकों में संचालित डग्गामार छोटे वाहन संचालकों के विरोध किए जाने की वजह से निजी बसों के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। इसको लेकर निजी बसों के संचालकों और डग्गामार वाहन संचालकों के बीच कई बार मारपीट की भी घटनाएं हो चुकी हैं। आरटीओ (प्रवर्तन) संदीप सैनी का कहना है कि अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जितनी भी गाड़ियों को राज्य परिवहन प्राधिकरण की ओर से परमिट दिया गया है उनका संचालन सुनिश्चित कराया जाएगा। ताकि लोगों को अधिक से अधिक गाड़ियां यात्रा के लिए उपलब्ध हो।