देहरादूनः मानकों के विपरीत मांस बेचने पर आठ के खिलाफ केस, दो दिन में 16 के खिलाफ की कार्रवाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मानकों के विपरीत मांस बेचने वाले आठ विक्रेताओं पर मुकदमा दर्ज कराया है। विभाग ने लगातार दूसरे दिन कार्रवाई जारी रखते हुए दो दिन में 16 मीट विक्रेताओं पर मुकदमा दर्ज कराया है।
हाईकोर्ट नैनीताल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग मानकों के विरुद्ध मीट बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाए हुए हैं। इसी क्रम में बुधवार को विभाग की अलग-अलग टीमों ने देहरादून शहर, रायवाला और ऋषिकेश में विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाया। साफ सफाई न होने और मीट खरीदने का वैध स्रोत न बता पाने पर कुछ विक्रेताओं को चेतावनी दी गई है।
जबकि खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम-2006 के मानकों का उल्लंघन करने वाले आठ विक्रेताओं के विरुद्ध अपर जिलाधिकारी की कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया है। इसमें पांच देहरादून शहर और आठ ऋषिकेश और रायवाला क्षेत्र के मीट विक्रेता शामिल हैं। दरअसल, हाईकोर्ट ने अवैध स्लॉटर हाउस बंद करने के निर्देश दिए हैं।
अब तक देहरादून में स्लॉटर हाउस बंद न होने के कारण इसके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा विभाग ने सीजेएम कोर्ट में परिवाद भी दायर किया है। जहां से खरीदे मीट को बेचना विभाग ने अवैध माना है। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी गणेश चंद्र कंडवाल ने बताया कि अवैध स्रोत से खरीदे मीट की बिक्री और साफ सफाई आदि का ख्याल न रखने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
अवैध स्लाटर हाउस पर लगाया ताला, बैरंग लौटे मांस कारोबारी
हाईकोर्ट की ओर से जिलाधिकारी को अवमानना नोटिस जारी करने व अदालत की सख्ती क बाद नगर निगम प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करत हुए भंडारी बाग स्थित अवैध स्लाटर हाउस पर ताला जड़ दिया। नगर निगम प्रशासन की ओर से ताला लगाए जाने के बाद स्लाटर हाउस में बकरे, बकरियों, भेड़ों के साथ पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। दूसरी ओर स्लाटर हाउस पर ताला लगाए जाने के बाद मांस कारोबारियों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है।
बता दें कि देहरादून निवासी वरुण सोबती की ओर से जिला प्रशासन व नगर निगम प्रशासन की ओर से भंडारी बाग स्थित स्लाटर हाउस को बंद नहीं किए जाने को लेकर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की थी। याची वरुण सोबती ने अदालत को बताया था कि सितंबर 2018 मेें अदालत ने 72 घंटे के भीतर राज्य में अवैध तरीके से संचालित सभी स्लाटर हाउसों को बंद करने व खुले में पशु वध करने पर रोक लगाने के आदेश दिए थे।
लेकिन देहरादून में अदालत के आदेशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। याचिका पर सुनवायी करते हुए एकलपीठ ने जिलाधिकारी आशीष कुमार श्रीवास्तव को नोटिस जारी कर दिया था। आखिरकार अदालत की सख्ती के बाद बुधवार को नगर निगम अधिकारियों ने स्लाटर हाउस पर ताला लगा दिया।